संपादक की चुनिंदा ग़ज़लें

चुनिंदा शायरी

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आ गई याद शाम ढलते ही

मुनीर नियाज़ी

लाई हयात आए क़ज़ा ले चली चले

शेख़ इब्राहीम ज़ौक़