अहमद अल्वी के शेर
सुना ये है बना करते हैं जोड़े आसमानों पर
तो ये समझें कि हर बीवी बला-ए-आसमानी है
-
टैग : तंज़
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
अल्फ़ाज़ की अदाएगी तर्ज़-ए-बयान सीख
करना अगर है इश्क़ तो उर्दू ज़बान सीख
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
दो सगी बहनों की दो गंजों से शादी हो गई
और ये बे-ज़ुल्फ़ भी हम-ज़ुल्फ़ कहलाने लगे
-
टैग : मिज़ाह
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
दिल को किसी की याद से ख़ाली न कीजिए
आसेब रहने लगते हैं ख़ाली मकान में
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
प्रोफ़ेसर ये उर्दू के जो उर्दू से कमाते हैं
इसी पैसे से बच्चों को ये अंग्रेज़ी पढ़ाते हैं
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
करेंगे आँख-मटक्का वो क्या पड़ोसन से
जो लोग अपनी ही बीवी को डर के देखते हैं
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
नुक़सान हो रहा है बहुत कारोबार में
अब्बा पड़े हैं जब से पड़ोसन के प्यार में
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मोहब्बतों में तो कुछ भी पता नहीं लगता
बहुत बुरा है वो फिर भी बुरा नहीं लगता
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
ख़ुदा का शुक्र है चक्कर कई से हैं अपने
बस एक बीवी पे दार-ओ-मदार थोड़ी है
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
सौ कोशिशों से आए थे चंदिया पे चार बाल
दो आरज़ू में कट गए दो इंतिज़ार में
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
जब से मकाँ बदल गईं दोनों पड़ोसनेंं
लगता नहीं है जी मिरा उजड़े दयार में
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
गए ज़माने की बातें हैं शक्ल और सूरत
बस अब तो अहल-ए-नज़र ख़म कमर के देखते हैं
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
त'अल्लुक़ात भी रेशम की तरह होते हैं
उलझ गए तो सिरा उम्र भर नहीं मिलता
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मैं ही तुम को फूटी आँख नहीं भाती
तुम ने सब से प्यार के पेच लड़ाए हैं
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड