ओसामा ज़ुरैज़ के शेर
जो तिरी जुस्तुजू में छोड़ दिया
उस का नेमुल-बदल तो तू भी नहीं
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तेरे होते भी सब ख़राब ही था
और फिर आज कल तो तू भी नहीं
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उस का बिछड़ना ले गया हिस्स-ए-मिज़ाह तक
हँसने की बात करता हूँ हँसता कोई नहीं
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हम लोग तेरी ख़ुशियों में शामिल तो होंगे दोस्त
ज़ाहिर है ग़म भी बीच में हाएल तो होंगे दोस्त
जिस क़दर रोने की 'आदत है वो दिन दूर नहीं
लोग बुलवाएँगे मरने पे मुझे रोने को
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टैग : मौत
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हम तो जैसे कि किनारे पे खड़े होते हैं
वो उदासी है कि बस बात मिले रोने को
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टैग : एहसास
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तुम्हारा मिलना तो पहले भी कितना मुश्किल था
और अब की बार तो हालात भी ख़राब हुए
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टैग : हालात
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तिरे न आने का सुन कर बहुत उदास हुआ
वो आदमी जो तिरे इंतिज़ार में भी न था
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टैग : इंतिज़ार
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सितारे तोड़ के लाया था उस को देने को
उसे दिये भी नहीं हाथ भी ख़राब हुए
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टैग : तोहफ़ा
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तुम्हारे साथ तो सूरज उभरता देखते थे
तुम्हारे बा'द सभी दोस्त जल्दी सोने लगे
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फूल इस वास्ते खिलता है कि तू देखे उसे
मौसम इस वास्ते अच्छा है कि तू सैर करे
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आवाज़ जिस की प्यारी है मिलने चलें उसे
सुनता नहीं किसी की मगर बोलता तो है
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हमारे अश्क तिरे पाँव तक भिगोने लगे
बलोच होते हुए भी किसी को रोने लगे
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मा'सूम था मैं फिर भी सज़ा कर दिया उस ने
अच्छे भले क़ैदी को रिहा कर दिया उस ने
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टैग : ज़ुल्म
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ये दुख नहीं कि शहर में मेरा कोई नहीं
ये दुख की बात है कि किसी का कोई नहीं
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टैग : तन्हाई
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जो रो रहे हों उन की ख़ुशी में शरीक हों
जो हँस रहे हों उन को दिलासा दिया करें
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क्यूँ आज तुझे देख के महसूस हुआ है
देखा है किसी और ने आईना हमारा
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अब दिल में हवस नाम की गंदुम नहीं उगती
ये खेत 'अजब सीम-ज़दा कर दिया उस ने
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वो मुझ में भर गया है मोहब्बत के नाम पर
इक रंग जिस का आब-ओ-हवा कुछ न कर सके
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वो क़ाफ़िले में तो क्या था ग़ुबार में भी न था
जो अव्वल आया है पहले हज़ार में भी न था
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