जहान-ए-ख़्वाब

एहसान अकबर

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एहसान अकबर

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    ये रंग-ओ-निकहत में बहती दुनिया

    ये हुस्न-ए-सूरत ये जल्वा-गाहें

    ये बिजलियों सी लपक अदा की

    ये बदलियों सी गुदाज़ बाँहें

    ये नक़्श से फूटते करिश्मे

    ये निकहत-ओ-नूर की पनाहें

    इक आरज़ू के हज़ार पैकर

    इक इल्तिजा लाख बारगाहें

    हयात के सरफ़राज़ी चश्मे

    नशा पिलाती हुई निगाहें

    जमाल का दिल-नशीं तसव्वुर

    ख़याल की दिल-पज़ीर राहें

    हयात मदहोश हो गई है

    मरी मरी है

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    सीना-ए-ख़्वाब खुले

    सीना-ए-ख़्वाब खुले

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    जब रात

    मुनीर अहमद फ़िरदौस
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    मैं ने अक्सर ख़्वाब में देखा

    मैं ने अक्सर ख़्वाब में देखा

    मोहसिन नक़वी

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