Mohsin Naqvi's Photo'

मोहसिन नक़वी

1947 - 1996 | मुल्तान, पाकिस्तान

लोकप्रिय पाकिस्तानी शायरी, कम उम्र में देहांत।

लोकप्रिय पाकिस्तानी शायरी, कम उम्र में देहांत।

मोहसिन नक़वी

ग़ज़ल 45

नज़्म 23

अशआर 34

हर वक़्त का हँसना तुझे बर्बाद कर दे

तन्हाई के लम्हों में कभी रो भी लिया कर

कौन सी बात है तुम में ऐसी

इतने अच्छे क्यूँ लगते हो

यूँ देखते रहना उसे अच्छा नहीं 'मोहसिन'

वो काँच का पैकर है तो पत्थर तिरी आँखें

तुम्हें जब रू-ब-रू देखा करेंगे

ये सोचा है बहुत सोचा करेंगे

  • शेयर कीजिए

सिर्फ़ हाथों को देखो कभी आँखें भी पढ़ो

कुछ सवाली बड़े ख़ुद्दार हुआ करते हैं

  • शेयर कीजिए

पुस्तकें 10

 

चित्र शायरी 5

 

वीडियो 17

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
At a mushaira

मोहसिन नक़वी

Mohsin Naqvi Shaheed explains the personality of Ghazi Abbbas poetry and Musaib

मोहसिन नक़वी

Reciting marsiya

मोहसिन नक़वी

ऑडियो 12

अगरचे मैं इक चटान सा आदमी रहा हूँ

अब के बारिश में तो ये कार-ए-ज़ियाँ होना ही था

कठिन तन्हाइयों से कौन खेला मैं अकेला

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

संबंधित ब्लॉग

 

संबंधित शायर

"मुल्तान" के और शायर

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

बोलिए