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Ameen Hazin's Photo'

अल्लामा इक़बाल की साहित्यिक और वैचारिक परंपरा से जुड़े उर्दू शायर, शायरी का केंद्र राष्ट्रीय, सामाजिक और नैतिक विषय रहा

अल्लामा इक़बाल की साहित्यिक और वैचारिक परंपरा से जुड़े उर्दू शायर, शायरी का केंद्र राष्ट्रीय, सामाजिक और नैतिक विषय रहा

अमीन हज़ीं का परिचय

उपनाम : 'अमीन'

मूल नाम : ख़्वाजा मोहम्मद मसीह पाल

जन्म : 24 Aug 1884 | सियालकोट, पंजाब

निधन : 17 Aug 1968

अमीन हज़ीं सियालकोटी (मूल नाम: ख़्वाजा मोहम्मद मसीह पाल; 1884–1968) का जन्म सियालकोट, पंजाब (वर्तमान पाकिस्तान) के एक कश्मीरी परिवार में हुआ। ब्रिटिश सरकार ने उन्हें "ख़ान बहादुर" की उपाधि से भी सम्मानित किया। उनकी उर्दू शायरी में अल्लामा मोहम्मद इक़बाल के प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं और वो इक़बाल की वैचारिक तथा कलात्मक परंपरा से गहरे जुड़े रहे। राष्ट्रीय, सामाजिक और नैतिक विषयों पर अभिव्यक्ति करते हुए उन्होंने इक़बाल के अंदाज़-ए-बयाँ को अपनाने का प्रयास किया। यद्यपि उनकी शायरी को इक़बाल जैसी व्यापक लोकप्रियता प्राप्त नहीं हो सकी, फिर भी उर्दू शायरी पर इक़बाल के प्रभाव के अध्ययन में उनका नाम विशेष महत्व रखता है।

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