ग़ज़ल 32

नज़्म 28

शेर 13

भूक से या वबा से मरना है

फ़ैसला आदमी को करना है

शाम को तेरा हँस कर मिलना

दिन भर की उजरत होती है

लड़कियाँ माओं जैसे मुक़द्दर क्यूँ रखती हैं

तन सहरा और आँख समुंदर क्यूँ रखती हैं

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पुस्तकें 1

Kunj Peele Phoolon Ka

 

1986

 

वीडियो 4

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