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जौन एलिया

1931 - 2002 | कराची, पाकिस्तान

उर्दू के अग्रणी आधुनिक शायरों में शामिल। अपने अपारम्परिक अंदाज़ के लिए अत्यधिक लोकप्रिय

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जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

जौन एलिया

Jaun Elia about Ubaidullah Aleem 1/3

जौन एलिया

Jaun Elia about Ubaidullah Aleem 2/3

जौन एलिया

Jaun Elia about Ubaidullah Aleem 3/3

जौन एलिया

Jaun Elia I

जौन एलिया

Jaun Eliya at a mushaira

जौन एलिया

Jaun Eliya at a mushaira

जौन एलिया

Jaun Eliya at a mushaira

जौन एलिया

Jaun Eliya at a mushaira

जौन एलिया

Jaun Eliya reciting at a mushaira

जौन एलिया

uth samadhi se dhayan ki uth chal

जौन एलिया

अभी फ़रमान आया है वहाँ से

जौन एलिया

उम्र गुज़रेगी इम्तिहान में क्या

जौन एलिया

उस के पहलू से लग के चलते हैं

जौन एलिया

कोई हालत नहीं ये हालत है

जौन एलिया

जुज़ गुमाँ और था ही क्या मेरा

जौन एलिया

जो रानाई निगाहों के लिए फ़िरदौस-ए-जल्वा है

जौन एलिया

तुम हक़ीक़त नहीं हो हसरत हो

जौन एलिया

बे-क़रारी सी बे-क़रारी है

जौन एलिया

मैं न ठहरूँ न जान तू ठहरे

जौन एलिया

ये ग़म क्या दिल की 'आदत है नहीं तो

जौन एलिया

रूह प्यासी कहाँ से आती है

जौन एलिया

शौक़ का रंग बुझ गया याद के ज़ख़्म भर गए

जौन एलिया

सज़ा

हर बार मेरे सामने आती रही हो तुम जौन एलिया

सारी दुनिया के ग़म हमारे हैं

जौन एलिया

साल-हा-साल और इक लम्हा

जौन एलिया

हम रहे पर नहीं रहे आबाद

जौन एलिया

हमारे ज़ख़्म-ए-तमन्ना पुराने हो गए हैं

जौन एलिया

हमारे ज़ख़्म-ए-तमन्ना पुराने हो गए हैं

जौन एलिया

हाल ये है कि ख़्वाहिश-ए-पुर्सिश-ए-हाल भी नहीं

जौन एलिया

हालत-ए-हाल के सबब हालत-ए-हाल ही गई

जौन एलिया

आज भी तिश्नगी की क़िस्मत में

जौन एलिया

आप अपना ग़ुबार थे हम तो

जौन एलिया

उम्र गुज़रेगी इम्तिहान में क्या

जौन एलिया

उम्र गुज़रेगी इम्तिहान में क्या

जौन एलिया

उस के पहलू से लग के चलते हैं

जौन एलिया

उस के पहलू से लग के चलते हैं

जौन एलिया

एक ही मुज़्दा सुब्ह लाती है

जौन एलिया

कभी जब मुद्दतों के बा'द उस का सामना होगा

जौन एलिया

कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे

जौन एलिया

कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे

जौन एलिया

किसी से अहद-ओ-पैमाँ कर न रहियो

जौन एलिया

गाहे गाहे बस अब यही हो क्या

जौन एलिया

चलो बाद-ए-बहारी जा रही है

जौन एलिया

चाँद की पिघली हुई चाँदी में

जौन एलिया

चारासाज़ों की चारा-साज़ी से

जौन एलिया

जी ही जी में वो जल रही होगी

जौन एलिया

जो रानाई निगाहों के लिए फ़िरदौस-ए-जल्वा है

जौन एलिया

ठीक है ख़ुद को हम बदलते हैं

जौन एलिया

तंग आग़ोश में आबाद करूँगा तुझ को

जौन एलिया

तंग आग़ोश में आबाद करूँगा तुझ को

जौन एलिया

दरख़्त-ए-ज़र्द

नहीं मालूम 'ज़रयून' अब तुम्हारी उम्र क्या होगी जौन एलिया

दिल ने वफ़ा के नाम पर कार-ए-वफ़ा नहीं किया

जौन एलिया

नया इक रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम

जौन एलिया

बे-क़रारी सी बे-क़रारी है

जौन एलिया

बे-दिली क्या यूँही दिन गुज़र जाएँगे

जौन एलिया

मैं न ठहरूँ न जान तू ठहरे

जौन एलिया

ये तेरे ख़त तिरी ख़ुशबू ये तेरे ख़्वाब-ओ-ख़याल

जौन एलिया

रम्ज़

तुम जब आओगी तो खोया हुआ पाओगी मुझे जौन एलिया

रम्ज़

तुम जब आओगी तो खोया हुआ पाओगी मुझे जौन एलिया

रम्ज़

तुम जब आओगी तो खोया हुआ पाओगी मुझे जौन एलिया

रूह प्यासी कहाँ से आती है

जौन एलिया

शर्मिंदगी है हम को बहुत हम मिले तुम्हें

जौन एलिया

समझ में ज़िंदगी आए कहाँ से

जौन एलिया

सर ही अब फोड़िए नदामत में

जौन एलिया

हू का आलम है यहाँ नाला-गरों के होते

जौन एलिया

है बिखरने को ये महफ़िल-ए-रंग-ओ-बू तुम कहाँ जाओगे हम कहाँ जाएँगे

जौन एलिया

हम कहाँ और तुम कहाँ जानाँ

जौन एलिया

हालत-ए-हाल के सबब हालत-ए-हाल ही गई

जौन एलिया

हालत-ए-हाल के सबब हालत-ए-हाल ही गई

जौन एलिया

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Live talk about Jaun Eliya by Asad Mohammad Khan

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Mera ek mashwaraa hai iltijaa nai

Mera ek mashwaraa hai iltijaa nai सलमान अल्वी

अजब हालत हमारी हो गई है

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अपना ख़ाका लगता हूँ अज्ञात

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अपनी मंज़िल का रास्ता भेजो अज्ञात

आज लब-ए-गुहर-फ़िशाँ आप ने वा नहीं किया

आज लब-ए-गुहर-फ़िशाँ आप ने वा नहीं किया अज्ञात

इक हुनर है जो कर गया हूँ मैं

इक हुनर है जो कर गया हूँ मैं अज्ञात

उस ने हम को गुमान में रक्खा

उस ने हम को गुमान में रक्खा अज्ञात

एक गुमाँ का हाल है और फ़क़त गुमाँ में है

एक गुमाँ का हाल है और फ़क़त गुमाँ में है अज्ञात

ऐ कू-ए-यार तेरे ज़माने गुज़र गए

ऐ कू-ए-यार तेरे ज़माने गुज़र गए अज्ञात

ऐ सुब्ह मैं अब कहाँ रहा हूँ

ऐ सुब्ह मैं अब कहाँ रहा हूँ अज्ञात

ऐश-ए-उम्मीद ही से ख़तरा है

ऐश-ए-उम्मीद ही से ख़तरा है अज्ञात

कब उस का विसाल चाहिए था

कब उस का विसाल चाहिए था अज्ञात

कभी कभी तो बहुत याद आने लगते हो

कभी कभी तो बहुत याद आने लगते हो अज्ञात

क्या यक़ीं और क्या गुमाँ चुप रह

क्या यक़ीं और क्या गुमाँ चुप रह अज्ञात

कैसा दिल और इस के क्या ग़म जी

कैसा दिल और इस के क्या ग़म जी अज्ञात

किस से इज़हार-ए-मुद्दआ कीजे

किस से इज़हार-ए-मुद्दआ कीजे अज्ञात

किसी से अहद-ओ-पैमाँ कर न रहियो

किसी से अहद-ओ-पैमाँ कर न रहियो अज्ञात

किसी से कोई ख़फ़ा भी नहीं रहा अब तो

किसी से कोई ख़फ़ा भी नहीं रहा अब तो अज्ञात

कौन से शौक़ किस हवस का नहीं

कौन से शौक़ किस हवस का नहीं अज्ञात

ख़ुद से रिश्ते रहे कहाँ उन के

ख़ुद से रिश्ते रहे कहाँ उन के अज्ञात

ख़ून थूकेगी ज़िंदगी कब तक

ख़ून थूकेगी ज़िंदगी कब तक अज्ञात

ख़ूब है शौक़ का ये पहलू भी

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ख़्वाब के रंग दिल-ओ-जाँ में सजाए भी गए अज्ञात

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न तो दिल का न जाँ का दफ़्तर है अज्ञात

न पूछ उस की जो अपने अंदर छुपा

न पूछ उस की जो अपने अंदर छुपा अज्ञात

नया इक रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम

नया इक रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम मसूद तन्हा

नया इक रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम

नया इक रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम अज्ञात

नहीं निबाही ख़ुशी से ग़मी को छोड़ दिया

नहीं निबाही ख़ुशी से ग़मी को छोड़ दिया अज्ञात

बे-क़रारी सी बे-क़रारी है

बे-क़रारी सी बे-क़रारी है मसूद तन्हा

बज़्म से जब निगार उठता है

बज़्म से जब निगार उठता है अज्ञात

बजा इरशाद फ़रमाया गया है

बजा इरशाद फ़रमाया गया है अज्ञात

बड़ा एहसान हम फ़रमा रहे हैं

बड़ा एहसान हम फ़रमा रहे हैं अज्ञात

बद-दिली में बे-क़रारी को क़रार आया तो क्या

बद-दिली में बे-क़रारी को क़रार आया तो क्या अज्ञात

बहुत दिल को कुशादा कर लिया क्या

बहुत दिल को कुशादा कर लिया क्या अज्ञात

बात कोई उमीद की मुझ से नहीं कही गई

बात कोई उमीद की मुझ से नहीं कही गई अज्ञात

भटकता फिर रहा हूँ जुस्तुजू बिन

भटकता फिर रहा हूँ जुस्तुजू बिन अज्ञात

मुझ को तो गिर के मरना है

मुझ को तो गिर के मरना है अज्ञात

मुझे ग़रज़ है मिरी जान ग़ुल मचाने से

मुझे ग़रज़ है मिरी जान ग़ुल मचाने से अज्ञात

ये पैहम तल्ख़-कामी सी रही क्या

ये पैहम तल्ख़-कामी सी रही क्या अज्ञात

याद उसे इंतिहाई करते हैं

याद उसे इंतिहाई करते हैं अज्ञात

यादों का हिसाब रख रहा हूँ

यादों का हिसाब रख रहा हूँ अज्ञात

रम्ज़

रम्ज़ मसूद तन्हा

लम्हे लम्हे की ना-रसाई है

लम्हे लम्हे की ना-रसाई है अज्ञात

लाज़िम है अपने आप की इमदाद कुछ करूँ

लाज़िम है अपने आप की इमदाद कुछ करूँ अज्ञात

वो क्या कुछ न करने वाले थे

वो क्या कुछ न करने वाले थे अज्ञात

वो जो था वो कभी मिला ही नहीं

वो जो था वो कभी मिला ही नहीं अज्ञात

शमशीर मेरी, मेरी सिपर किस के पास है

शमशीर मेरी, मेरी सिपर किस के पास है अज्ञात

शाम थी और बर्ग-ओ-गुल शल थे मगर सबा भी थी

शाम थी और बर्ग-ओ-गुल शल थे मगर सबा भी थी अज्ञात

शाम हुई है यार आए हैं यारों के हमराह चलें

शाम हुई है यार आए हैं यारों के हमराह चलें अज्ञात

सर-ए-सहरा हबाब बेचे हैं

सर-ए-सहरा हबाब बेचे हैं अज्ञात

सोचा है कि अब कार-ए-मसीहा न करेंगे

सोचा है कि अब कार-ए-मसीहा न करेंगे अज्ञात

है फ़सीलें उठा रहा मुझ में

है फ़सीलें उठा रहा मुझ में अज्ञात

है बिखरने को ये महफ़िल-ए-रंग-ओ-बू तुम कहाँ जाओगे हम कहाँ जाएँगे

है बिखरने को ये महफ़िल-ए-रंग-ओ-बू तुम कहाँ जाओगे हम कहाँ जाएँगे अज्ञात

हम आँधियों के बन में किसी कारवाँ के थे

हम आँधियों के बन में किसी कारवाँ के थे अज्ञात

हम जी रहे हैं कोई बहाना किए बग़ैर

हम जी रहे हैं कोई बहाना किए बग़ैर अज्ञात

हम तिरा हिज्र मनाने के लिए निकले हैं

हम तिरा हिज्र मनाने के लिए निकले हैं अज्ञात

हम तो जैसे वहाँ के थे ही नहीं

हम तो जैसे वहाँ के थे ही नहीं अज्ञात

हर धड़कन हैजानी थी हर ख़ामोशी तूफ़ानी थी

हर धड़कन हैजानी थी हर ख़ामोशी तूफ़ानी थी अज्ञात

हिज्र की आँखों से आँखें तो मिलाते जाइए

हिज्र की आँखों से आँखें तो मिलाते जाइए अज्ञात

अपने सब यार काम कर रहे हैं

अपने सब यार काम कर रहे हैं अज्ञात

अब किसी से मिरा हिसाब नहीं

अब किसी से मिरा हिसाब नहीं नाज़िश

अब वो घर इक वीराना था बस वीराना ज़िंदा था

अब वो घर इक वीराना था बस वीराना ज़िंदा था नाज़िश

अभी इक शोर सा उठा है कहीं

अभी इक शोर सा उठा है कहीं अज्ञात

आख़िरी बार आह कर ली है

आख़िरी बार आह कर ली है नाज़िश

आज भी तिश्नगी की क़िस्मत में

आज भी तिश्नगी की क़िस्मत में नाज़िश

आदमी वक़्त पर गया होगा

आदमी वक़्त पर गया होगा नाज़िश

उम्र गुज़रेगी इम्तिहान में क्या

उम्र गुज़रेगी इम्तिहान में क्या अज्ञात

एक साया मिरा मसीहा था

एक साया मिरा मसीहा था अज्ञात

एक ही मुज़्दा सुब्ह लाती है

एक ही मुज़्दा सुब्ह लाती है अज्ञात

किस से इज़हार-ए-मुद्दआ कीजे

किस से इज़हार-ए-मुद्दआ कीजे अज्ञात

किस से इज़हार-ए-मुद्दआ कीजे

किस से इज़हार-ए-मुद्दआ कीजे अज्ञात

गाहे गाहे बस अब यही हो क्या

गाहे गाहे बस अब यही हो क्या अज्ञात

ज़िंदगी क्या है इक कहानी है

ज़िंदगी क्या है इक कहानी है भारती विश्वनाथन

जी ही जी में वो जल रही होगी

जी ही जी में वो जल रही होगी अज्ञात

जो रानाई निगाहों के लिए फ़िरदौस-ए-जल्वा है

जो रानाई निगाहों के लिए फ़िरदौस-ए-जल्वा है मेहरान अमरोही

ठीक है ख़ुद को हम बदलते हैं

ठीक है ख़ुद को हम बदलते हैं अज्ञात

दरख़्त-ए-ज़र्द

दरख़्त-ए-ज़र्द विविध

नया इक रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम

नया इक रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम अज्ञात

बे-क़रारी सी बे-क़रारी है

बे-क़रारी सी बे-क़रारी है अज्ञात

बे-क़रारी सी बे-क़रारी है

बे-क़रारी सी बे-क़रारी है मेहदी हसन

मेरी अक़्ल-ओ-होश की सब हालतें

मेरी अक़्ल-ओ-होश की सब हालतें मेहरान अमरोही

शर्म दहशत झिझक परेशानी

शर्म दहशत झिझक परेशानी मेहरान अमरोही

सर ही अब फोड़िए नदामत में

सर ही अब फोड़िए नदामत में अज्ञात

सारे रिश्ते तबाह कर आया

सारे रिश्ते तबाह कर आया भारती विश्वनाथन

साल-हा-साल और इक लम्हा

साल-हा-साल और इक लम्हा मेहरान अमरोही

सीना दहक रहा हो तो क्या चुप रहे कोई

सीना दहक रहा हो तो क्या चुप रहे कोई अज्ञात

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