Jaun Eliya's Photo'

जौन एलिया

1931 - 2002 | कराची, पाकिस्तान

पाकिस्तान के अग्रणी आधुनिक शायरों में से एक, अपने अपारम्परिक अंदाज़ के लिए मशहूर।

पाकिस्तान के अग्रणी आधुनिक शायरों में से एक, अपने अपारम्परिक अंदाज़ के लिए मशहूर।

ग़ज़ल 167

नज़्म 17

शेर 162

जो गुज़ारी जा सकी हम से

हम ने वो ज़िंदगी गुज़ारी है

मैं भी बहुत अजीब हूँ इतना अजीब हूँ कि बस

ख़ुद को तबाह कर लिया और मलाल भी नहीं

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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता

एक ही शख़्स था जहान में क्या

मर्सिया 1

 

क़ितआ 22

ई-पुस्तक 11

गोया

 

2010

Guman

 

 

Jaun Eliya-Khush Guzran Guzar Gaye

 

2011

लेकिन

 

2010

Mabada

 

 

Rumooz

 

2016

शायद

 

1992

Shayad

 

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यानी

 

2014

चित्र शायरी 34

मैं भी बहुत अजीब हूँ इतना अजीब हूँ कि बस ख़ुद को तबाह कर लिया और मलाल भी नहीं

मैं ने हर बार तुझ से मिलते वक़्त तुझ से मिलने की आरज़ू की है तेरे जाने के ब'अद भी मैं ने तेरी ख़ुशबू से गुफ़्तुगू की है

दिल-ए-बर्बाद को आबाद किया है मैं ने आज मुद्दत में तुम्हें याद किया है मैं ने ज़ौक़-ए-परवाज़-ए-तब-ओ-ताब अता फ़रमा कर सैद को लाइक़-ए-सय्याद किया है मैं ने तल्ख़ी-ए-दौर-ए-गुज़िश्ता का तसव्वुर कर के दिल को फिर माइल-ए-फ़रियाद किया है मैं ने आज इस सोज़-ए-तसव्वुर की ख़ुशी में ऐ दोस्त ताइर-ए-सब्र को आज़ाद किया है मैं ने हो के इसरार-ए-ग़म-ए-ताज़ा से मजबूर-ए-फ़ुग़ाँ चश्म को अश्क-ए-तर इमदाद किया है मैं ने तुम जिसे कहते थे हंगामा-पसंदी मेरी फिर वही तर्ज़-ए-ग़म ईजाद किया है मैं ने फिर गवारा है मुझे इश्क़ की हर इक मुश्किल ताज़ा फिर शेव-ए-फ़रहाद किया है मैं ने

सीना दहक रहा हो तो क्या चुप रहे कोई क्यूँ चीख़ चीख़ कर न गला छील ले कोई साबित हुआ सुकून-ए-दिल-ओ-जाँ कहीं नहीं रिश्तों में ढूँढता है तो ढूँडा करे कोई तर्क-ए-तअल्लुक़ात कोई मसअला नहीं ये तो वो रास्ता है कि बस चल पड़े कोई दीवार जानता था जिसे मैं वो धूल थी अब मुझ को ए'तिमाद की दावत न दे कोई मैं ख़ुद ये चाहता हूँ कि हालात हूँ ख़राब मेरे ख़िलाफ़ ज़हर उगलता फिरे कोई ऐ शख़्स अब तो मुझ को सभी कुछ क़ुबूल है ये भी क़ुबूल है कि तुझे छीन ले कोई हाँ ठीक है मैं अपनी अना का मरीज़ हूँ आख़िर मिरे मिज़ाज में क्यूँ दख़्ल दे कोई इक शख़्स कर रहा है अभी तक वफ़ा का ज़िक्र काश उस ज़बाँ-दराज़ का मुँह नोच ले कोई

'जौन' दुनिया की चाकरी कर के तू ने दिल की वो नौकरी क्या की

वीडियो 74

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शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
Jaun Elia about Ubaidullah Aleem 1/3

जौन एलिया

Jaun Elia about Ubaidullah Aleem 2/3

जौन एलिया

Jaun Elia about Ubaidullah Aleem 3/3

जौन एलिया

Jaun Elia I

जौन एलिया

Jaun Eliya at a mushaira

जौन एलिया

Jaun Eliya at a mushaira

जौन एलिया

Jaun Eliya at a mushaira

जौन एलिया

Jaun Eliya at a mushaira

जौन एलिया

Jaun Eliya at a mushaira

जौन एलिया

Jaun Eliya at a mushaira

जौन एलिया

Jaun Eliya at a mushaira

जौन एलिया

Jaun Eliya at a mushaira

जौन एलिया

Jaun Eliya at a mushaira

जौन एलिया

Jaun Eliya reciting at a mushaira

जौन एलिया

Kitne aish udaate honge- by Jaun Eliya

जौन एलिया

kuhs guzaraan-e-shehar-e-ghum

जौन एलिया

Nazm-Saza

जौन एलिया

uth samadhi se dhayan ki uth chal

जौन एलिया

Wo tabyat ke mere tha bhi nahi

जौन एलिया

जौन एलिया

अभी फ़रमान आया है वहाँ से

जौन एलिया

आज भी तिश्नगी की क़िस्मत में

जौन एलिया

आप अपना ग़ुबार थे हम तो

जौन एलिया

उम्र गुज़रेगी इम्तिहान में क्या

जौन एलिया

उस के पहलू से लग के चलते हैं

जौन एलिया

एक ही मुज़्दा सुब्ह लाती है

जौन एलिया

कभी जब मुद्दतों के बा'द उस का सामना होगा

जौन एलिया

कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे

जौन एलिया

कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे

जौन एलिया

किसी से अहद-ओ-पैमाँ कर न रहियो

जौन एलिया

गाहे गाहे बस अब यही हो क्या

जौन एलिया

चलो बाद-ए-बहारी जा रही है

जौन एलिया

जुज़ गुमाँ और था ही क्या मेरा

जौन एलिया

जो रानाई निगाहों के लिए फ़िरदौस-ए-जल्वा है

जौन एलिया

ठीक है ख़ुद को हम बदलते हैं

जौन एलिया

तंग आग़ोश में आबाद करूँगा तुझ को

जौन एलिया

दरख़्त-ए-ज़र्द

नहीं मालूम 'ज़रयून' अब तुम्हारी उम्र क्या होगी जौन एलिया

दिल ने वफ़ा के नाम पर कार-ए-वफ़ा नहीं किया

जौन एलिया

नया इक रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम

जौन एलिया

बे-क़रारी सी बे-क़रारी है

जौन एलिया

बे-दिली क्या यूँही दिन गुज़र जाएँगे

जौन एलिया

मैं न ठहरूँ न जान तू ठहरे

जौन एलिया

रम्ज़

तुम जब आओगी तो खोया हुआ पाओगी मुझे जौन एलिया

रूह प्यासी कहाँ से आती है

जौन एलिया

शर्मिंदगी है हम को बहुत हम मिले तुम्हें

जौन एलिया

सज़ा

हर बार मेरे सामने आती रही हो तुम जौन एलिया

समझ में ज़िंदगी आए कहाँ से

जौन एलिया

सर ही अब फोड़िए नदामत में

जौन एलिया

है बिखरने को ये महफ़िल-ए-रंग-ओ-बू तुम कहाँ जाओगे हम कहाँ जाएँगे

जौन एलिया

हम कहाँ और तुम कहाँ जानाँ

जौन एलिया

हालत-ए-हाल के सबब हालत-ए-हाल ही गई

जौन एलिया

हालत-ए-हाल के सबब हालत-ए-हाल ही गई

जौन एलिया

ऑडियो 26

कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे

कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे

जुज़ गुमाँ और था ही क्या मेरा

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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