aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

मनोज अज़हर

ग़ज़ल 2

 

नज़्म 1

 

अशआर 2

यूँ चार दिन की बहारों के क़र्ज़ उतारे गए

तुम्हारे बअ'द के मौसम फ़क़त गुज़ारे गए

रात बे-सुध हो के सोएगी यहाँ

इस लिए सूरज ने पर्दा कर लिया

 

"मुरादाबाद" के और शायर

Recitation

Jashn-e-Rekhta | 8-9-10 December 2023 - Major Dhyan Chand National Stadium, Near India Gate - New Delhi

GET YOUR PASS
बोलिए