साहिल अहमद

ग़ज़ल 9

शेर 10

क्यूँ चमक उठती है बिजली बार बार

सितमगर ले अंगड़ाई बहुत

किस तसव्वुर के तहत रब्त की मंज़िल में रहा

किस वसीले के तअस्सुर का निगहबान था मैं

शेर गुफा से निकलेगा

शोर मचेगा जंगल में

आज कुआँ भी चीख़ उठा है

किसी ने पत्थर मारा होगा

उन से दोस्त मिरा यूँ कोई रिश्ता तो था

क्यूँ फिर इस तर्क-ए-तअल्लुक़ से पशेमान था मैं

पुस्तकें 44

1977 Ka Sheri Adab

 

1978

Barg Nama

 

1988

Chehra

 

1988

Dareecha

 

2011

Gandhiyai Tahreek Aur Nehru

 

1996

Ghazal Kya Kuch

 

1997

Ghazal Pas-Manzar Pesh-Manzar

 

2000

Iqbal Aur Ghazal

 

1986

Iqbal Ek Tajziyati Mutala

 

1961

Iqbal Ek Tajziyati Mutala

 

1977

"इलाहाबाद" के और शायर

  • आनंद नारायण मुल्ला आनंद नारायण मुल्ला
  • अकबर इलाहाबादी अकबर इलाहाबादी
  • अफ़ज़ल इलाहाबादी अफ़ज़ल इलाहाबादी
  • फ़िराक़ गोरखपुरी फ़िराक़ गोरखपुरी
  • ख़्वाजा जावेद अख़्तर ख़्वाजा जावेद अख़्तर
  • फ़र्रुख़ जाफ़री फ़र्रुख़ जाफ़री
  • ज़फ़र अंसारी ज़फ़र ज़फ़र अंसारी ज़फ़र
  • अब्दुल हमीद अब्दुल हमीद
  • सुहैल अहमद ज़ैदी सुहैल अहमद ज़ैदी
  • एहतराम इस्लाम एहतराम इस्लाम