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शम्सी मीनाई

1919 - 1988 | बाराबंकी, भारत

शम्सी मीनाई

ग़ज़ल 7

अशआर 2

ग़म दिए हैं हयात ने हम को

ग़म ने हम से हयात पाई है

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दिल की हालत अगर नहीं बदली

एहतियात-ए-नज़र से क्या होगा

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पुस्तकें 2

 

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Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI