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शम्सी मीनाई

1919 - 1988 | बाराबंकी, भारत

ग़ज़ल 7

शेर 2

ग़म दिए हैं हयात ने हम को

ग़म ने हम से हयात पाई है

on me so many sorrows, existence has unfurled

and in these very sorrows I have found my world

on me so many sorrows, existence has unfurled

and in these very sorrows I have found my world

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दिल की हालत अगर नहीं बदली

एहतियात-ए-नज़र से क्या होगा

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पुस्तकें 2

Parto

 

1987

Shair-e-Khushnawa Hazrat Shamsi Meenai

 

2004

 

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