आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ".nabo"
अत्यधिक संबंधित परिणाम ".nabo"
कुल्लियात
दिमाग़-ए-हर्फ़ लाल-ए-नाब-ओ-बर्ग-ए-गुल से है तुम को
हमें जब गुफ़्तुगू है तब किसू के लब की लाली से
मीर तक़ी मीर
ग़ज़ल
सुराही-ए-मय-ए-नाब-ओ-सफीना-हा-ए-ग़ज़ल
ये हर्फ़-ए-हुस्न-ए-मुक़द्दर लिखा है किस के लिए
अकबर अली खान अर्शी जादह
शेर
सुराही-ए-मय-ए-नाब-ओ-सफीना-हा-ए-ग़ज़ल
ये हर्फ़-ए-हुस्न-ए-मुक़द्दर लिखा है किस के लिए
अकबर अली खान अर्शी जादह
नज़्म
जवाब-ए-शिकवा
मंफ़अत एक है इस क़ौम का नुक़सान भी एक
एक ही सब का नबी दीन भी ईमान भी एक
अल्लामा इक़बाल
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम ".nabo"
ग़ज़ल
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
औरत
नब्ज़-ए-हस्ती का लहू काँपते आँसू में नहीं
उड़ने खुलने में है निकहत ख़म-ए-गेसू में नहीं
कैफ़ी आज़मी
नज़्म
दरख़्त-ए-ज़र्द
साया-ए-दामान-ए-रहमत चाहिए थोड़ा मुझे
मैं न छोड़ूँ या नबी तुम ने अगर छोड़ा मुझे
जौन एलिया
नज़्म
तराना-ए-हिन्दी
यूनान ओ मिस्र ओ रूमा सब मिट गए जहाँ से
अब तक मगर है बाक़ी नाम-ओ-निशाँ हमारा
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
तुलू-ए-इस्लाम
चे बायद मर्द रा तब-ए-बुलंद मशरब-ए-नाबे
दिल-ए-गरमे निगाह-ए-पाक-बीने जान-ए-बेताबे
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
तराना-ए-मिल्ली
तौहीद की अमानत सीनों में है हमारे
आसाँ नहीं मिटाना नाम-ओ-निशाँ हमारा
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
क्या दबदबा-ए-नादिर क्या शौकत-ए-तैमूरी
हो जाते हैं सब दफ़्तर ग़र्क़-ए-मय-ए-नाब आख़िर





