आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "aurat"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "aurat"
नज़्म
औरत ने जनम दिया मर्दों को मर्दों ने उसे बाज़ार दिया
औरत ने जनम दिया मर्दों को मर्दों ने उसे बाज़ार दिया
जब जी चाहा मसला कुचला जब जी चाहा धुत्कार दिया
साहिर लुधियानवी
शेर
औरत ने जनम दिया मर्दों को मर्दों ने उसे बाज़ार दिया
जब जी चाहा मसला कुचला जब जी चाहा धुत्कार दिया
साहिर लुधियानवी
नज़्म
वो सुब्ह कभी तो आएगी
इंसानों की इज़्ज़त जब झूटे सिक्कों में न तौली जाएगी
वो सुब्ह कभी तो आएगी
साहिर लुधियानवी
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "aurat"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "aurat"
ग़ज़ल
माना जीवन में औरत इक बार मोहब्बत करती है
लेकिन मुझ को ये तो बता दे क्या तू औरत ज़ात नहीं
क़तील शिफ़ाई
नज़्म
लोग औरत को फ़क़त जिस्म समझ लेते हैं
लोग औरत को फ़क़त जिस्म समझ लेते हैं
रूह भी होती है उस में ये कहाँ सोचते हैं
साहिर लुधियानवी
शेर
बताऊँ क्या तुझे ऐ हम-नशीं किस से मोहब्बत है
मैं जिस दुनिया में रहता हूँ वो इस दुनिया की औरत है
असरार-उल-हक़ मजाज़
उद्धरण
वेश्या और बा-इस्मत औरत का मुक़ाबला हर्गिज़-हर्गिज़ नहीं करना चाहिए। इन दोनों का मुक़ाबला हो ...
सआदत हसन मंटो
कहानी
महाराजा ग से रेस कोर्स पर अशोक की मुलाक़ात हुई। इसके बाद दोनों बेतकल्लुफ़ दोस्त बन गए।...
सआदत हसन मंटो
नज़्म
औरत
वजूद-ए-ज़न से है तस्वीर-ए-काएनात में रंग
उसी के साज़ से है ज़िंदगी का सोज़-ए-दरूँ
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
किस से मोहब्बत है
बताऊँ क्या तुझे ऐ हम-नशीं किस से मोहब्बत है
मैं जिस दुनिया में रहता हूँ वो इस दुनिया की औरत है
असरार-उल-हक़ मजाज़
उद्धरण
लाहौर की बाअ्ज़ गलियाँ इतनी तंग हैं कि अगर एक तरफ़ से औरत आ रही हो और दूसरी तरफ़ से मर्द तो द...












