आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "dah"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "dah"
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "dah"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "dah"
ग़ज़ल
ये बार-ए-ग़म-ए-इश्क़ समाया है कि 'नासिख़'
है कोह से दह-चंद गिरानी मिरे दिल की
इमाम बख़्श नासिख़
रेख़्ती
नए धानों की सी खेती की तरह से 'इंशा'
डह-डही और हरी हूँ तो भला तुझ को क्या
इंशा अल्लाह ख़ान इंशा
ग़ज़ल
खड़े चुप हो देखते क्या मिरे दिल उजड़ गए को
वो गुनह तो कह दो जिस से ये दह-ए-ख़राब उल्टा
इंशा अल्लाह ख़ान इंशा
नज़्म
नूर-जहाँ का मज़ार
या हो गए वो दाग़ जहाँगीर के दिल के
क़ाबिल ही तो थे आशिक़-ए-दिल-गीर के दिल के!
तिलोकचंद महरूम
नज़्म
इल्म की ज़रूरत
इसी के सब करिश्मे ये नज़र आते हैं दुनिया में
इसी के दम से रौनक़ आलम-ए-इम्काँ की है सारी
अहमक़ फफूँदवी
नज़्म
महात्मा-गाँधी
लगन उसे है कि सब मालिक-ए-वतन हो जाएँ
क़फ़स से छूट के ज़ीनत-दह-ए-चमन हो जाएँ













