आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ruu"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "ruu"
ग़ज़ल
मोमिन ख़ाँ मोमिन
नज़्म
शिकवा
आ गया ऐन लड़ाई में अगर वक़्त-ए-नमाज़
क़िबला-रू हो के ज़मीं-बोस हुई क़ौम-ए-हिजाज़
अल्लामा इक़बाल
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "ruu"
अन्य परिणाम "ruu"
शेर
सुर्ख़-रू होता है इंसाँ ठोकरें खाने के बा'द
रंग लाती है हिना पत्थर पे पिस जाने के बा'द
सय्यद ग़ुलाम मोहम्मद मस्त कलकत्तवी
ग़ज़ल
वो जो हुक्म दें बजा है, मिरा हर सुख़न ख़ता है
उन्हें मेरी रू-रिआयत कभी थी न है न होगी
पीर सय्यद नसीरुद्दीन नसीर गीलानी
ग़ज़ल
दिलबरी ठहरा ज़बान-ए-ख़ल्क़ खुलवाने का नाम
अब नहीं लेते परी-रू ज़ुल्फ़ बिखराने का नाम
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
शेर
हाल-ए-दिल क्यूँ कर करें अपना बयाँ अच्छी तरह
रू-ब-रू उन के नहीं चलती ज़बाँ अच्छी तरह










