आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "sharb"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "sharb"
ग़ज़ल
अरिनी ओ लन-तरानी का सब राज़ खुल गया
क्या नश्शा-ए-ग़रीब है शर्ब-उल-यहूद में
पंडित जवाहर नाथ साक़ी
ग़ज़ल
बस-कि तेरे हिज्र में है ना-गवारा अक्ल-ओ-शर्ब
दिल ब-जुज़ ख़ून-ए-जिगर ऐ जान कुछ खाता नहीं
वलीउल्लाह मुहिब
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "sharb"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
shab
शब شَب
सूर्यास्त से सूर्योदय तक का समय, रात, रात्रि, रैन
sharaab
शराब شَراب
(वास्तविक) पीने की चीज़ , वह किण्वित किया हुआ पेय अथवा तरल पदार्थ जिसके पीने से इंसान में सुरूर और नशा पैदा होता है , नशीला अर्क़ जो अधिकतर अंगूर, खजूर या जौ इत्यादि से कशीद किया जाता है अर्थात निकाला या खींचा जाता है, बादा, सहबा, गुलाबी, मदिरा, दारू, हाला, सुरा
अन्य परिणाम "sharb"
ग़ज़ल
बज़्म-ए-तरब वक़्त-ए-ऐश साक़ी ओ नक़्ल ओ शराब
कोई इसे कुछ कहो हम तो समझते हैं ख़्वाब
नज़ीर अकबराबादी
ग़ज़ल
नक़्स ये वज़्अ का हो जाएगा दाग़-ए-इस्मत
क्यूँ वो शब-गर्द हुआ माह-ए-तमाम-ए-मख़्सूस
पंडित जवाहर नाथ साक़ी
ग़ज़ल
हुदूद-ए-अक्ल-ओ-शर्ब का सवाल ही नहीं रहा
दिलों में ख़ौफ़-ए-रब्ब-ए-ज़ुल-जलाल ही नहीं रहा
शाद आरफ़ी
ग़ज़ल
न क्यूँकर बज़्म में रौशन हो अपनी शब ये दिल-सोज़ी
कि उल्फ़त शम्अ-रू से हम भी जूँ परवाना रखते हैं
शाह नसीर
ग़ज़ल
वस्ल-ए-बुत-ए-महरु है शर्ब-ए-मय-ए-गुलगूँ है
फिर और इनायात-ए-यज़्दाँ किसे कहते हैं
वज़ीर अली सबा लखनवी
ग़ज़ल
मज्ज़ूब-ए-इश्तियाक़ हैं मस्त-ए-मय-जमाल
रोज़-ए-नुख़ुस्त से है ये शर्ब-ए-मुदाम-ए-शौक़
पंडित जवाहर नाथ साक़ी
ग़ज़ल
ता-क़यामत शब-ए-फ़ुर्क़त में गुज़र जाएगी उम्र
सात दिन हम पे भी भारी हैं सहर होते तक
मिर्ज़ा ग़ालिब
ग़ज़ल
कभी तो सुब्ह तिरे कुंज-ए-लब से हो आग़ाज़
कभी तो शब सर-ए-काकुल से मुश्क-बार चले







