'ख़ुदा-ए-सुख़न' के उपनाम से विख्यात मीर तक़ी मीर की शायरी का सम्पूर्ण संग्रह
अहम साहित्यिक गद्यकार। शायरों, अदीबों और विद्वानों की यादगार आवाज़ों को महफूज़ करने के असाधारण काम के लिए जाने जाते हैं।
प्रसिद्ध समकालीन उर्दू पत्रिका जिसने उर्दू साहित्य के अलावा उर्दू में विश्व साहित्य को पेश किया और नये–नये डिस्कोर्स को स्थापित किया
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