उर्दू शायरी में मेट्रिक पैटर्न के सिद्धांतों के निर्धारण में छंदशास्र के समकक्ष इल्म-ए-अरोज़ का प्रयोग किया जाता है
अहम साहित्यिक गद्यकार। शायरों, अदीबों और विद्वानों की यादगार आवाज़ों को महफूज़ करने के असाधारण काम के लिए जाने जाते हैं।
प्रसिद्ध समकालीन उर्दू पत्रिका जिसने उर्दू साहित्य के अलावा उर्दू में विश्व साहित्य को पेश किया और नये–नये डिस्कोर्स को स्थापित किया
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