लखनऊ के शायर और अदीब
कुल: 342
मुंशी नवल किशोर, लखनऊ
- निवास : लखनऊ
मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी
18वीं सदी के बड़े शायरों में शामिल, मीर तक़ी 'मीर' के समकालीन।
अब्दुल हलीम शरर
बीसवीं सदी के महत्वपूर्ण विद्वान,लेखक, अनुवादक,उपन्यासकार, नाटककार. लखनऊ की सामाजिक व सांस्कृतिक जीवन के मर्मज्ञ.
अम्बर बहराईची
मुमताज़ शाइर, विख्यात संस्कृत विद्वान, साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित
असरार-उल-हक़ मजाज़
अग्रणी एवं प्रख्यात प्रगतिशील शायर, रोमांटिक और क्रांतिकारी नज़्मों के लिए प्रसिद्ध, ऑल इंडिया रेडियो की पत्रिका “आवाज” के पहले संपादक, मशहूर शायर और गीतकार जावेद अख़्तर के मामा
फ़साहत लखनवी
लखनऊ की शास्त्रीय काव्य परंपरा के प्रमुख और प्रतिनिधि शायर, प्रसिद्ध साहित्यकार अमानत लखनवी के पुत्र
हैदर अली आतिश
मिर्ज़ा ग़ालिब के समकालीन, 19वीं सदी की उर्दू ग़ज़ल का रौशन सितारा।
इमाम बख़्श नासिख़
लखनऊ के मुम्ताज़ और नई राह बनाने वाले शायर/मिर्ज़ा ग़ालिब के समकालीन
इरफ़ान सिद्दीक़ी
सबसे महत्वपूर्ण आधुनिक शायरों में शामिल, अपने नव-क्लासिकी लहजे के लिए विख्यात।
जुरअत क़लंदर बख़्श
अपनी शायरी में महबूब के साथ मामला-बंदी के मज़मून के लिए मशहूर, नौजवानी में नेत्रहीन हो गए
मिर्ज़ा आसमान जाह अंजुम
अवध के आख़िरी नवाब वाजिद अली शाह के बेटे और युवराज
मिर्ज़ा सलामत अली दबीर
उर्दू के दो बड़े मर्सिया-गो शाइरों में शामिल
मिर्ज़ा शौक़ लखनवी
विश्व प्रसिद्ध मसनवी " ज़हर-ए-इश्क़ " के रचयिता
मुंशी सज्जाद हुसैन
मुस्तफ़ा खां यकरंग
- निवास : लखनऊ
नातिक़ लखनवी
अपने मशहूर शेर 'कह रहा है शोर-ए-दरिया से समंदर का सुकूत…' के लिए जाने जाते हैं
पंडित दया शंकर नसीम लखनवी
19वीं सदी में लखनऊ के अग्रणी शायरों में से एक, प्रख्यात मसनवी गुलज़ार-ए-नसीम के रचयिता
रंगीन सआदत यार ख़ाँ
उर्दू शायरी की विधा ' रेख़्ती ' के लिए प्रसिद्ध जिसमें शायर औरतों की भाषा में बोलता है
रतन नाथ सरशार
अनुवादक, कथाकार और शायर, अपनी किताब फ़साना-ए-आज़ाद के लिए मशहूर
वज़ीर अली सबा लखनवी
दबिस्तान-ए-लखनऊ के नुमाइंदा शाइरों में शुमार, आतिश के शागिर्द
यगाना चंगेज़ी
प्रमुख पूर्वाधुनिक शायर जिन्होंने नई ग़ज़ल के लिए राह बनाई/मिर्ज़ा ग़ालिब के विरोध के लिए प्रसिद्ध
आसी उल्दनी
लखनऊ के लोकप्रिय शायर और विद्वान, दाग़ और नातिक़ गुलावठी के शागिर्द. ग़ालिब और हाफ़िज़ के कलम की व्याख्यान की और अनुवाद किया. इसके अलावा उर्दू की क़दीम शायरात (प्राचीन कवयित्रियों) का तज़्किरा भी सम्पादित किया
अबुल हसन अली नदवी
महान इस्लामी चिंतक और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली इस्लामी विद्वान
आजिज़ मातवी
हनुमान प्रसाद शर्मा अज़ीज़ मातवी उरूज़ के माहिर और अरबी व फ़ारसी के विद्वान हैं
पूर्वाधुनिक शायर, नज़्म और ग़ज़ल दोनों विधाओं में शायरी की; बच्चों के लिए भी बेहतरीन नज़्में लिखीं
अली जवाद ज़ैदी
प्रसिद्ध शायर और आलोचक, अपनी आलोचना की पुस्तक ‘दो अदबी स्कूल’ के लिए भी जाने जाते हैं
अमानत लखनवी
अपने नाटक 'इन्द्र सभा' के लिए प्रसिद्ध, अवध के आख़िरी नवाब वाजिद अली शाह के समकालीन
अम्न लख़नवी
राष्ट्रीय एकता, धार्मिक एकता और जज़्बा-ए-आज़ादी को समर्पित शायरी के लिए मशहूर , स्वतंत्रता सेनानी
अनीस अशफ़ाक़
प्रसिद्ध कथाकार, शायर और आलोचक; लखनऊ की सभ्यता और सांस्कृतिक परिदृश्य पर उपन्यास लिखे
अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा
लखनऊ की प्रतिष्ठित शायरा जिन्होंने अपनी अभिव्यक्ति में स्त्रीत्व को जगह दी
बशीर फ़ारूक़
बशीर फ़ारूक़ी
भारत भूषण पन्त
भारत में समकालीन ग़ज़ल के प्रमुख शायर
हयात लखनवी
जलाल लखनवी
लखनऊ और रामपूर स्कूल के मिले-जुले रंग में शायरी के लिए माशूहर उत्तर- क्लासिकी शायर
करामत अली जौनपुरी
कृष्ण बिहारी नूर
- जन्म : लखनऊ
- निवास : लखनऊ
- निधन : ग़ाज़ियाबाद
लोकप्रिय शायर, लखनवी भाषा-संस्कृति के नुमाइंदे।
मलिकज़ादा मंज़ूर अहमद
- जन्म : अम्बेडकर नगर
- निवास : लखनऊ
उर्दू के प्रमुख साहित्यिक व्यक्तित्व/मुशायरों के स्तरीय संचालन के लिए प्रसिद्ध
मसरूर जहाँ
महिलाओं के मुद्दों और बदलती सामाजिक व सांस्कृतिक मूल्यों की अभिव्यक्ति करने वाली कथाकार
मीर अली औसत रशक
मीर कल्लू अर्श
महान उर्दू शायर मीर तक़ी मीर के बेटे