noImage

आरज़ू सहारनपुरी

1899 - 1983 | कोलकाता, भारत

ग़ज़ल 16

शेर 4

भूल के कभी फ़ाश कर राज़-ओ-नियाज़-ए-आशिक़ी

वो भी अगर हों सामने आँख उठा के भी देख

  • शेयर कीजिए

महसूस कर रहा हूँ ख़ुद अपने जमाल को

जितना तिरे क़रीब चला जा रहा हूँ मैं

  • शेयर कीजिए

कभी कभी तो इक ऐसा मक़ाम आया है

मैं हुस्न बन के ख़ुद अपनी नज़र से गुज़रा हूँ

  • शेयर कीजिए

पुस्तकें 3

Ilham-e-Sehar

 

 

Ilham-e-Sehar

 

1966

Nay-o-Naghma

 

1968

 

संबंधित शायर

  • जोश मलीहाबादी जोश मलीहाबादी समकालीन
  • फ़ानी बदायुनी फ़ानी बदायुनी गुरु

"कोलकाता" के और शायर

  • जाफ़र साहनी जाफ़र साहनी
  • एज़ाज़ अफ़ज़ल एज़ाज़ अफ़ज़ल
  • सालिक लखनवी सालिक लखनवी
  • अब्बास अली ख़ान बेखुद अब्बास अली ख़ान बेखुद
  • हुरमतुल इकराम हुरमतुल इकराम
  • सययद मोहम्म्द अब्दुल ग़फ़ूर शहबाज़ सययद मोहम्म्द अब्दुल ग़फ़ूर शहबाज़
  • फ़राग़ रोहवी फ़राग़ रोहवी
  • जुर्म मुहम्मदाबादी जुर्म मुहम्मदाबादी
  • रोहित सोनी ताबिश रोहित सोनी ताबिश
  • अलक़मा शिबली अलक़मा शिबली