aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
Azra Naqvi's Photo'

अज़रा नक़वी

1952 | नोएडा, भारत

प्रसिद्ध कवयित्री, कहानीकार और अनुवादक. समकालीन सऊदी साहित्य के अनुवाद के लिए जानी जाती हैं

प्रसिद्ध कवयित्री, कहानीकार और अनुवादक. समकालीन सऊदी साहित्य के अनुवाद के लिए जानी जाती हैं

अज़रा नक़वी

ग़ज़ल 17

नज़्म 15

अशआर 6

बचपन कितना प्यारा था जब दिल को यक़ीं जाता था

मरते हैं तो बन जाते हैं आसमान के तारे लोग

फैलते हुए शहरो अपनी वहशतें रोको

मेरे घर के आँगन पर आसमान रहने दो

आने वाले कल की ख़ातिर हर हर पल क़ुर्बान किया

हाल को दफ़ना देते हैं हम जीने की तय्यारी में

अब की बार जो घर जाना तो सारे एल्बम ले आना

वक़्त की दीमक लग जाती है यादों की अलमारी में

हक़ीक़तें तो मिरे रोज़ शब की साथी हैं

मैं रोज़ शब की हक़ीक़त बदलना चाहती हूँ

कहानी 14

पुस्तकें 195

वीडियो 6

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए

अज़रा नक़वी

अज़रा नक़वी

मो'तबर से रिश्तों का साएबान रहने दो

अज़रा नक़वी

उन्हें मुझ से शिकायत है

उन्हें मुझ से शिकायत है कि मैं माज़ी में जीती हूँ अज़रा नक़वी

संबंधित ब्लॉग

 

संबंधित शायर

"नोएडा" के और शायर

Recitation

Jashn-e-Rekhta | 8-9-10 December 2023 - Major Dhyan Chand National Stadium, Near India Gate - New Delhi

GET YOUR PASS
बोलिए