शेर 2

बेहतर दिनों की आस लगाते हुए 'हबीब'

हम बेहतरीन दिन भी गँवाते चले गए

  • शेयर कीजिए

क्यूँ मुझ को नज़्र-ए-आतिश-ए-एहसास कर दिया

क्यूँ जान डाल कर मिरी मिट्टी ख़राब की

  • शेयर कीजिए
 

चित्र शायरी 2

बेहतर दिनों की आस लगाते हुए 'हबीब' हम बेहतरीन दिन भी गँवाते चले गए

बेहतर दिनों की आस लगाते हुए 'हबीब' हम बेहतरीन दिन भी गँवाते चले गए

 

"रावलपिंडी" के और शायर

  • अख़्तर होशियारपुरी अख़्तर होशियारपुरी
  • साबिर ज़फ़र साबिर ज़फ़र
  • बाक़ी सिद्दीक़ी बाक़ी सिद्दीक़ी
  • शुमामा उफ़ुक़ शुमामा उफ़ुक़
  • जमील मलिक जमील मलिक
  • हसन अब्बास रज़ा हसन अब्बास रज़ा
  • जलील ’आली’ जलील ’आली’
  • अफ़ज़ल मिनहास अफ़ज़ल मिनहास
  • नवेद फ़िदा सत्ती नवेद फ़िदा सत्ती
  • मुसतफ़ा राही मुसतफ़ा राही