Zaheer Kashmiri's Photo'

ज़हीर काश्मीरी

1919 - 1994 | लाहौर, पाकिस्तान

ग़ज़ल 37

शेर 30

आह ये महकी हुई शामें ये लोगों के हुजूम

दिल को कुछ बीती हुई तन्हाइयाँ याद गईं

सीरत हो तो आरिज़-ओ-रुख़्सार सब ग़लत

ख़ुशबू उड़ी तो फूल फ़क़त रंग रह गया

  • शेयर कीजिए

इश्क़ जब तक आस-पास रहा

हुस्न तन्हा रहा उदास रहा

फ़र्ज़ बरसों की इबादत का अदा हो जैसे

बुत को यूँ पूज रहे हैं कि ख़ुदा हो जैसे

मैं ने उस को अपना मसीहा मान लिया

सारा ज़माना जिस को क़ातिल कहता है

पुस्तकें 8

अदब के माद्दी नज़रिये

 

 

Azmat-e-Aadam

 

1955

Azmat-e-Aadam

 

1955

अज़मत-ए-अादम

 

1955

Savera

Shumara Number-009

1951

Shumara Number-005,006

 

Shumara Number-007,008

 

 

वीडियो 4

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
At a mushaira

ज़हीर काश्मीरी

अब है क्या लाख बदल चश्म-ए-गुरेज़ाँ की तरह

ज़हीर काश्मीरी

तू अगर ग़ैर है नज़दीक-ए-रग-ए-जाँ क्यूँ है

ज़हीर काश्मीरी

"लाहौर" के और शायर

  • फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
  • अल्लामा इक़बाल अल्लामा इक़बाल
  • शहज़ाद अहमद शहज़ाद अहमद
  • मुनीर नियाज़ी मुनीर नियाज़ी
  • हफ़ीज़ जालंधरी हफ़ीज़ जालंधरी
  • नासिर काज़मी नासिर काज़मी
  • हबीब जालिब हबीब जालिब
  • वसी शाह वसी शाह
  • सूफ़ी तबस्सुम सूफ़ी तबस्सुम
  • नबील अहमद नबील नबील अहमद नबील