आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "aashkaar"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "aashkaar"
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "aashkaar"
अन्य परिणाम "aashkaar"
ग़ज़ल
इश्क़ भी हो हिजाब में हुस्न भी हो हिजाब में
या तो ख़ुद आश्कार हो या मुझे आश्कार कर
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
इबलीस की मजलिस-ए-शूरा
ऐ तिरे सोज़-ए-नफ़स से कार-ए-आलम उस्तुवार
तू ने जब चाहा किया हर पर्दगी को आश्कार
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
ख़िज़्र-ए-राह
मैं शहीद-ए-जुस्तुजू था यूँ सुख़न-गुस्तर हुआ
ऐ तिरी चश्म-ए-जहाँ-बीं पर वो तूफ़ाँ आश्कार
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
मस्जिद-ए-क़ुर्तुबा
तुझ से हुआ आश्कार बंदा-ए-मोमिन का राज़
उस के दिनों की तपिश उस की शबों का गुदाज़
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
मार्च 1907
ज़माना आया है बे-हिजाबी का आम दीदार-ए-यार होगा
सुकूत था पर्दा-दार जिस का वो राज़ अब आश्कार होगा
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
अजीब मंज़र-ए-बाला-ए-बाम होता है
जब आश्कार वो माह-ए-तमाम होता है
पीर सय्यद नसीरुद्दीन नसीर गीलानी
नज़्म
नानक
आश्कार उस ने किया जो ज़िंदगी का राज़ था
हिन्द को लेकिन ख़याली फ़ल्सफ़ा पर नाज़ था














