आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "sinf"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "sinf"
नज़्म
दरख़्त-ए-ज़र्द
ये ख़त लिखना तो दक़यानूस की पीढ़ी का क़िस्सा है
ये सिंफ़-ए-नस्र हम ना-बालिग़ों के फ़न का हिस्सा है
जौन एलिया
नज़्म
बिंत-ए-हव्वा
मेरे औसाफ़ गिनाने को ये काग़ज़ कम हैं
सिंफ़-ए-नाज़ुक हूँ मगर रूह मिरी रुस्तम है
हिना रिज़्वी
तंज़-ओ-मज़ाह
मुश्ताक़ अहमद यूसुफ़ी
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "sinf"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "sinf"
ग़ज़ल
इसी ख़ातिर तो ये सिंफ़-ए-सुख़न मैं ने चुनी है
कि जो महसूस करता हूँ बताना चाहता हूँ
ख़ुशबीर सिंह शाद
नज़्म
तवाइफ़
जानती है अपनी रुस्वाई को तो वज्ह-ए-नुमूद
सिंफ़-ए-नाज़ुक की खुली तौहीन है तेरा वजूद
माहिर-उल क़ादरी
ग़ज़ल
कुमार पाशी
हास्य
हम भी होते हैं कभी फ़ितरी तक़ाज़ों के शिकार
सिंफ़-ए-नाज़ुक को मगर रखते नहीं सर पे सवार
हिलाल सिवहारवी
ग़ज़ल
सिंफ़-ए-नाज़ुक को अगर देनी है इज़्ज़त दिल से दे
दर-गुज़र कर दे ख़ताएँ हुस्न-ए-ज़न की बात कर
शहनाज़ रहमत
उद्धरण
राजिंदर सिंह बेदी
ग़ज़ल
नज़्म हो या हो रुबा'ई कहिये या क़ित'आ जनाब
शा'इरी की सिंफ़ का शहबाज़ है उर्दू ग़ज़ल














