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ग़ज़ल
बे-ताबी कुछ और बढ़ा दी एक झलक दिखला देने से
प्यास बुझे कैसे सहरा की दो बूँदें बरसा देने से
जलील ’आली’
शेर
तुझ को पा कर भी न कम हो सकी बे-ताबी-ए-दिल
इतना आसान तिरे इश्क़ का ग़म था ही नहीं
फ़िराक़ गोरखपुरी
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रेख़्ता शब्दकोश
taabi'ii
ताबि'ईتابِعی
वह मुसलमान जिसने पैगंबर मुहम्मद के किसी साथी (निकट जन) को देखा हो और उसकी एक मुसलमान के रूप में मृत्यु हो गई हो
tabii'ii
तबी'ईطَبِیعی
एक वैज्ञानिक शाखा जिसमें शारीरिक परिवर्तनों और गुणों का विवरण होता है, शरीर धर्मशास्त्र
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ग़ज़ल
अफ़्सून-ए-तमन्ना से बेदार हुई आख़िर
कुछ हुस्न में बे-ताबी कुछ 'इश्क़ में ज़ेबाई
सूफ़ी ग़ुलाम मुस्ताफ़ा तबस्सुम
ग़ज़ल
तोड़ कर बैठा हूँ राह-ए-शौक़ में पा-ए-तलब
देखना है जज़्बा-ए-बे-ताबी-ए-मंज़िल मुझे
जिगर मुरादाबादी
ग़ज़ल
शकील बदायूनी
ग़ज़ल
न इतना बुर्रिश-ए-तेग़-ए-जफ़ा पर नाज़ फ़रमाओ
मिरे दरिया-ए-बे-ताबी में है इक मौज-ए-ख़ूँ वो भी
मिर्ज़ा ग़ालिब
नज़्म
क़हत-ए-बंगाल
बेदारी-ए-एहसास है हर सम्त नुमायाँ
बे-ताबी-ए-अर्बाब-ए-नज़र देख रहा हूँ









