हास्य-व्यंग्य
हास्य और व्यंग्य असल में समाज की असमानताओं से फूटता है। अगर किसी समाज को सही ढंग से जानना हो तो उस समाज में लिखा गया हास्यात्मक, व्यंग्यात्मक साहित्य पढ़ना चाहिए। उर्दू में भी हास्यात्मक और व्यंग्यात्मक साहित्य की शानदार परंपरा रही है। मुश्ताक़ अहमद यूसुफ़ी, पतरस बुख़ारी, रशीद अहमद सिद्दीक़ी और बेशुमार अदीबों ने बेहतरीन हास्यात्मक, व्यंग्यात्मक लेख लिखे हैं। रेख़्ता पर ये गोशा उर्दू में लिखे गए ख़ूबसूरत और मशहूर मज़ाहिया और तन्ज़िया लेखों से आबाद है। पढ़िए और ज़िंदगी को ख़ुशगवार बनाइऐ।
प्रसिद्ध शायर और लेखक, साहित्यिक पत्रिका ‘नदीम’ के सम्पादक, सय्यद सुलेमान नदवी के सहपाठी
प्रसिद्ध शायर, लेखक और कॉलमनिगार, अपने हास्य क़तात और आलेखों के लिए चर्चित; पाकिस्तानी सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहे
पाकिस्तानी शायर , अपनी ग़ज़ल ' कल चौदहवीं की रात ' थी , के लिए प्रसिद्ध
प्रसिद्ध पाकिस्तानी अफ़साना निगार और पत्रकार. ड्रामे और यात्रावृतांत भी लिखे।
प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य लेखक,धाराप्रवाह भाषा एवं सामाजिक असमानताओं पर गहरे व्यंग्य के लिए जाने जाते हैं.
मंटो के समकालिक, प्रगतिशील आंदोलन से सम्बद्ध प्रसिद्ध अफ़साना निगार, रूमानी और यथार्थवादी कहानियां लिखने के लिए मशहूर.
हिन्द-ईरान संबंधों पर शोध करने वाले प्रमुख इतिहासकार। प्राचीन अरबी-फ़ारसी पांडुलिपियों के विशेषज्ञ
उर्दू हास्य लेखक, शिक्षक, निबंधकार, प्रसारक और राजनयिक, उर्दू साहित्य में अपनी हास्य रचनाओं के लिए प्रसिद्ध
प्रमुख पूर्वाधुनिक शायरों में विख्यात, जिन्होंने आधुनिक उर्दू गज़ल के लिए राह बनाई/अपने गहरे आलोचनात्मक विचारों के लिए विख्यात/भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित
उर्दू के युग-निर्माता हास्य-व्यंग्य लेखक, शब्दों की जादूगरी और शालीन विनोद के माध्यम से उर्दू गद्य को नया गौरव देने वाले गद्यकार
हर वर्ग में पढ़े जाने वाले अत्यंत लोकप्रिय कथाकार और यात्रा-वृत्तांत लेखक। असाधारण साहित्यिक सौंदर्य से भरपूर रचनाओं के लिए प्रसिद्ध
उर्दू के प्रसिद्ध हास्य-व्यंगकारों में शामिल, अपनी रोशन ख़याली के लिए प्रसिद्ध, इस्मत चुग़ताई के भाई।
हास्य-व्यंग्यकार, रेखाचित्र लेखक और देहलवी भाषा एवं संस्कृति के दर्पण
प्रगतिशील आंदोलन के अगुआ, पत्रिका " कारवां " के संपादक, इंग्लैंड से अंग्रेज़ी में डॉक्टरेट की उपाधि लेने वाले इस उपमहाद्वीप के पहले साहित्यकार
प्रसिद्ध हास्य-व्यंगकार, उर्दू में अपनी विचित्र गद्य-शैली के लिए लोकप्रिय, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग से सम्बद्ध रहे.
उर्दू के महत्वपूर्ण अफ़साना निगारों में शामिल, मंटो के समकालीन, भारतीय समाज और लोक कथाओं से सम्बंधित कहानियां बुनने के लिए मशहूर. नॉवेल, ड्रामेऔर फिल्मों के लिए संवाद व स्क्रिप्ट लिखे.