इमोशनल शायरी

आँसू हमारे गिर गए उन की निगाह से

इन मोतियों की अब कोई क़ीमत नहीं रही

जलील मानिकपूरी

आँसू आँसू जिस ने दरिया पार किए

क़तरा क़तरा आब में उलझा बैठा है

मशकूर हुसैन याद

दर्द की बात किसी हँसती हुई महफ़िल में

जैसे कह दे किसी तुर्बत पे लतीफ़ा कोई

अहमद राही

आँसू फ़लक की आँख से टपके तमाम रात

और सुब्ह तक ज़मीन का आँचल भिगो गए

ज़हीर अहमद ज़हीर

दर्द की हद से गुज़रना तो अभी बाक़ी है

टूट कर मेरा बिखरना तो अभी बाक़ी है

राशिद कामिल

दर्द की धूप ढले ग़म के ज़माने जाएँ

देखिए रूह से कब दाग़ पुराने जाएँ

ज़िया ज़मीर

दर्द की आँच बना देती है दिल को इक्सीर

दर्द से दिल है अगर दर्द नहीं दिल भी नहीं

जावेद वशिष्ट

आँसू हूँ हँस रहा हूँ शगूफ़ों के दरमियाँ

शबनम हूँ जल रहा हूँ शरारों के शहर में

सलाम मछली शहरी

दर्द की धूप में सहरा की तरह साथ रहे

शाम आई तो लिपट कर हमें दीवार किया

अता शाद

आँसू हैं कफ़न-पोश सितारे हैं कफ़न-रंग

लो चाक किए देते हैं दामान-ए-सहर हम

सिराज लखनवी