लेखक : वज़ीर अली सबा लखनवी

प्रकाशक : दर मतबा मोहम्मदी, लखनऊ

प्रकाशन वर्ष : 1856

भाषा : Urdu

श्रेणियाँ : शाइरी

उप श्रेणियां : काव्य संग्रह

पृष्ठ : 198

सहयोगी : अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू (हिन्द), देहली

ghuncha-e-arzu

लेखक: परिचय

सबा, मीर वज़ीर अ’ली(1795-1885)लखनवी शाइ’री की तीसरी पीढ़ी के प्रमुख प्रतिनिधि शाइ’र। ख़्वाजा ‘आतिश’ के लाइक़ शागिर्द थे। अफ़ीम का शौक़ था, ख़ुद खाते और मेहमानों को खिलाते। वाजिद अ’ली शाह ने दो सौ रुपए माहवार वज़ीफ़ा बाँध रखा था, जिससे ऐश में गुज़रती थी।

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