noImage

अब्दुल रहमान एहसान देहलवी

1769 - 1851 | दिल्ली, भारत

मुग़ल बादशाह शाह आलम सानी के उस्ताद, मीर तक़ी मीर के बाद के शायरों के समकालीन

मुग़ल बादशाह शाह आलम सानी के उस्ताद, मीर तक़ी मीर के बाद के शायरों के समकालीन

ग़ज़ल 42

शेर 47

नमाज़ अपनी अगरचे कभी क़ज़ा हुई

अदा किसी की जो देखी तो फिर अदा हुई

  • शेयर कीजिए

गले से लगते ही जितने गिले थे भूल गए

वगर्ना याद थीं हम को शिकायतें क्या क्या

  • शेयर कीजिए

ब-वक़्त-ए-बोसा-ए-लब काश ये दिल कामराँ होता

ज़बाँ उस बद-ज़बाँ की मुँह में और मैं ज़बाँ होता

  • शेयर कीजिए

यारा है कहाँ इतना कि उस यार को यारो

मैं ये कहूँ यार है तू यार हमारा

  • शेयर कीजिए

दिल-रुबा तुझ सा जो दिल लेने में अय्यारी करे

फिर कोई दिल्ली में क्या दिल की ख़बरदारी करे

  • शेयर कीजिए

रुबाई 3

 

पुस्तकें 1

कुल्लियात-ए-एहसान

 

1968

 

"दिल्ली" के और शायर

  • शैख़  ज़हूरूद्दीन हातिम शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम
  • आबरू शाह मुबारक आबरू शाह मुबारक
  • बेख़ुद देहलवी बेख़ुद देहलवी
  • शाह नसीर शाह नसीर
  • हसरत मोहानी हसरत मोहानी
  • ख़्वाजा मीर दर्द ख़्वाजा मीर दर्द
  • बहादुर शाह ज़फ़र बहादुर शाह ज़फ़र
  • कँवर महेंद्र सिंह बेदी सहर कँवर महेंद्र सिंह बेदी सहर
  • ज़हीर देहलवी ज़हीर देहलवी
  • ताबाँ अब्दुल हई ताबाँ अब्दुल हई