Divakar Rahi's Photo'

दिवाकर राही

रामपुर, भारत

प्रसिद्ध शायर, लोकप्रिय शे’र ‘अब तो इतनीभी मयस्सर नहीं मयखाने में - जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में’ के रचयिता

प्रसिद्ध शायर, लोकप्रिय शे’र ‘अब तो इतनीभी मयस्सर नहीं मयखाने में - जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में’ के रचयिता

ग़ज़ल 4

 

शेर 15

अब तो उतनी भी मयस्सर नहीं मय-ख़ाने में

जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में

the tavern does not even give that much wine to me

that I was wont to waste in the goblet casually

the tavern does not even give that much wine to me

that I was wont to waste in the goblet casually

  • शेयर कीजिए

वक़्त बर्बाद करने वालों को

वक़्त बर्बाद कर के छोड़ेगा

  • शेयर कीजिए

अगर मौजें डुबो देतीं तो कुछ तस्कीन हो जाती

किनारों ने डुबोया है मुझे इस बात का ग़म है

  • शेयर कीजिए

पुस्तकें 3

Charagh-e-Manzil

 

1981

मंज़िल की तरफ़

मजमूअ-ए-कलाम

 

Sad Chak

 

1985

 

चित्र शायरी 2

अब तो उतनी भी मयस्सर नहीं मय-ख़ाने में जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में

अब तो उतनी भी मयस्सर नहीं मय-ख़ाने में जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में

 

"रामपुर" के और शायर

  • अबुल मुजाहिद ज़ाहिद अबुल मुजाहिद ज़ाहिद
  • आफ़ताब शम्सी आफ़ताब शम्सी
  • अज़हर इनायती अज़हर इनायती
  • शाहिद इश्क़ी शाहिद इश्क़ी
  • शाद आरफ़ी शाद आरफ़ी
  • उरूज ज़ैदी बदायूनी उरूज ज़ैदी बदायूनी
  • फ़रहान सालिम फ़रहान सालिम
  • जावेद कमाल रामपुरी जावेद कमाल रामपुरी
  • महशर इनायती महशर इनायती
  • हिज्र नाज़िम अली ख़ान हिज्र नाज़िम अली ख़ान