ग़ज़ल 11

नज़्म 7

शेर 7

बस्ती के हस्सास दिलों को चुभता है

सन्नाटा जब सारी रात नहीं होता

पानी ने जिसे धूप की मिट्टी से बनाया

वो दाएरा-ए-रब्त बिगड़ने के लिए था

महफ़िल में फूल ख़ुशियों के जो बाँटता रहा

तन्हाई में मिला तो बहुत ही उदास था

पुस्तकें 11

अबाबीलें नहीं आयीं

 

2006

Dalit Kaweeta Jaag Uthi

 

2018

हनीफ़ तरीन

फ़न और शख़्सियत

2004

Kisht-e-Ghazal Numa

 

1999

किताब-ए-सेहरा

 

1995

लाला-ए-सेहराई

 

2014

Lala-e-Sehraee

 

2014

मैंने ज़िल्ज़ाल को लफ़्ज़ों में उतर कर देखा

 

 

Rabab-e-Sahra

 

1992

रु-ए-शमीम से नुज़्हत इश्क़ की बहती है

 

2012

"दिल्ली" के और शायर

  • मिर्ज़ा ग़ालिब मिर्ज़ा ग़ालिब
  • शैख़  ज़हूरूद्दीन हातिम शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम
  • शाह नसीर शाह नसीर
  • हसरत मोहानी हसरत मोहानी
  • फ़रहत एहसास फ़रहत एहसास
  • दाग़ देहलवी दाग़ देहलवी
  • आबरू शाह मुबारक आबरू शाह मुबारक
  • ख़्वाजा मीर दर्द ख़्वाजा मीर दर्द
  • मोमिन ख़ाँ मोमिन मोमिन ख़ाँ मोमिन
  • बहादुर शाह ज़फ़र बहादुर शाह ज़फ़र