शेर 1

टिमटिमाते रहें बुझती हुई यादों के चराग़

दिल की वीरानी पे गर आप को इसरार हो

  • शेयर कीजिए
 

पुस्तकें 4

Aap Beeti

 

1984

Armughan-e-Jameel

 

1984

Intikhab-e-Asghar

Halat Aur Kalam Par Tanqeed

1954

Rudad-e-Lahu Rang

 

1983

Tanqeed-o-Tafheem

 

1984

 

"कराची" के और शायर

  • जौन एलिया जौन एलिया
  • ज़ीशान साहिल ज़ीशान साहिल
  • परवीन शाकिर परवीन शाकिर
  • आरज़ू लखनवी आरज़ू लखनवी
  • सीमाब अकबराबादी सीमाब अकबराबादी
  • सलीम कौसर सलीम कौसर
  • मोहसिन एहसान मोहसिन एहसान
  • दिलावर फ़िगार दिलावर फ़िगार
  • अज़रा अब्बास अज़रा अब्बास
  • क़मर जलालवी क़मर जलालवी