Qamar Jalalvi's Photo'

क़मर जलालवी

1887 - 1968 | कराची, पाकिस्तान

पाकिस्तान के उस्ताद शायर, कई लोकप्रिय शेरों के रचयिता।

पाकिस्तान के उस्ताद शायर, कई लोकप्रिय शेरों के रचयिता।

ग़ज़ल 51

शेर 38

ज़रा रूठ जाने पे इतनी ख़ुशामद

'क़मर' तुम बिगाड़ोगे आदत किसी की

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पूछो अरक़ रुख़्सारों से रंगीनी-ए-हुस्न को बढ़ने दो

सुनते हैं कि शबनम के क़तरे फूलों को निखारा करते हैं

wipe not the droplets from your face, let beauty's lustre grow

drops of dew when flowers grace, enhance their freshness so

शुक्रिया क़ब्र तक पहुँचाने वालो शुक्रिया

अब अकेले ही चले जाएँगे इस मंज़िल से हम

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क़ितआ 7

पुस्तकें 5

Gham-e-Javedan

Tajalliyat-e-Qamar

1978

Khwab Mein Hazrat Zehra Ko Jo hur Ne Dekha

Marsia-009

 

Rashk-e-Qamar

 

 

Rashk-e-Qamar

 

1977

 

चित्र शायरी 1

पढ़ चुके हुस्न की तारीख़ को हम तेरे ब'अद इश्क़ आगे न बढ़ा एक क़दम तेरे ब'अद आज तक फिर कोई तस्वीर न ऐसी खींची जैसे खा ली हो मुसव्विर ने क़सम तेरे ब'अद

 

वीडियो 14

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वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए

क़मर जलालवी

क़मर जलालवी

उन के जाते ही ये वहशत का असर देखा किए

क़मर जलालवी

कभी कहा न किसी से तिरे फ़साने को

क़मर जलालवी

तुम को हम ख़ाक-नशीनों का ख़याल आने तक

क़मर जलालवी

तौबा कीजे अब फ़रेब-ए-दोस्ती खाएँगे क्या

क़मर जलालवी

ये रोज़ हश्र का और शिकवा-ए-वफ़ा के लिए

क़मर जलालवी

राज़-ए-दिल क्यूँ न कहूँ सामने दीवानों के

क़मर जलालवी

ऑडियो 10

अबरू तो दिखा दीजिए शमशीर से पहले

कब मेरा नशेमन अहल-ए-चमन गुलशन में गवारा करते हैं

करते भी क्या हुज़ूर न जब अपने घर मिले

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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