Javed Naseemi's Photo'

जावेद नसीमी

1957 | रामपुर, भारत

जावेद नसीमी

ग़ज़ल 9

शेर 15

एक चेहरा है जो आँखों में बसा रहता है

इक तसव्वुर है जो तन्हा नहीं होने देता

  • शेयर कीजिए

जिसे आने की क़स्में मैं दे के आया हूँ

उसी के क़दमों की आहट का इंतिज़ार भी है

  • शेयर कीजिए

मुद्दत हुई कि ज़िंदा हूँ देखे बग़ैर उसे

वो शख़्स मेरे दिल से उतर तो नहीं गया

  • शेयर कीजिए

ज़रा क़रीब से देखूँ तो कोई राज़ खुले

यहाँ तो हर कोई लगता है आदमी जैसा

  • शेयर कीजिए

साथ चावल के ये कंकर भी निगल जाता है

भूक में आदमी पत्थर भी निगल जाता है

  • शेयर कीजिए

पुस्तकें 4

 

चित्र शायरी 1

 

"रामपुर" के और शायर

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI