Krishna Mohan's Photo'

कृष्ण मोहन

1922 - 2004 | दिल्ली, भारत

ग़ज़ल 13

नज़्म 16

शेर 8

ज़िंदगी के आख़िरी लम्हे ख़ुशी से भर गया

एक दिन इतना हँसा वो हँसते हँसते मर गया

कृष्ण 'मोहन' ये भी है कैसा अकेला-पन कि लोग

मौत से डरते हैं मैं तो ज़िंदगी से डर गया

दिल एक सदियों पुराना उदास मंदिर है

उमीद तरसा हुआ प्यार देव-दासी का

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1987

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1972

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1962

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1989

ग़ज़ाल

 

1968

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1974

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ग़ज़लें और क़तऐ

1977

Harjai Teri Khushboo

 

 

इंतिख़ाब

 

1977

ऑडियो 4

ज़िंदगी के आख़िरी लम्हे ख़ुशी से भर गया

दिल की रखना देख भाल ऐ दिल-बर-ए-रंगीं-जमाल

नाला-ए-सुब्ह के बग़ैर गिर्या-ए-शाम के बग़ैर

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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