आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "la.D"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "la.D"
नज़्म
शिकवा
साज़ ख़ामोश हैं फ़रियाद से मामूर हैं हम
नाला आता है अगर लब पे तो मा'ज़ूर हैं हम
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं
उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
वरुन आनन्द
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "la.D"
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "la.D"
ग़ज़ल
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
कनीज़
हुज़ूर होंट इस तरह से कपकपा रहे हैं क्यूँ
हुज़ूर आप हर क़दम पे लड़-खड़ा रहे हैं क्यूँ












