आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "marja.a"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "marja.a"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
marza
मर्ज़ा مَرزَہ
(طب) مرزن ، چوہا ۔
marja'
मर्जा' مَرْجَع
फिर के आने की जगह, रक्षास्थान, बचाव की जगह, ठिकाना पनाह की जगह, पनाहगाह, वह संज्ञा जिसकी ओर कोई सर्वनाम फिरे
marnaa
मरना مَرنا
जीव-जंतुओं या प्राणियों के शरीर में से जीवनी शक्ति या प्राण का सदा के लिए निकल जाना जिसके फलस्वरूप उनकी सभी शारीरिक क्रियाएँ या व्यापार बन्द हो जाते हैं। आय या जीवन का अंत या समाप्त होना। मृत्यु को प्राप्त होना। जान निकलना। जैसे-महामारी से (या युद्ध में) लोगों का मरना। पद-मरना-जीना। (देखें स्वतंत्र पद) मुहा०-मरने तक की छुट्टी (या फुरसत) न होना = काय की अधिकता के कारण तनिक भी अवकाश न होना। नाम को भी साँस लेने या सुस्ताने का समय न मिलना।
अन्य परिणाम "marja.a"
ग़ज़ल
मरजा-ए-बर्क़-ए-बला है ऐ 'वफ़ा' दुनिया-ए-इश्क
हासिल-ए-हसरत यहाँ जुज़ हसरत-ए-हासिल नहीं
मेला राम वफ़ा
नज़्म
दो-आबा बस्त जालंधर
राय-ज़ादों और सरदारोँ की ख़ाक-ए-पाक तू
शाइ'रान-ए-ख़ुश-बयाँ का मरजा-ए-इदराक तू
अर्श मलसियानी
ग़ज़ल
मरजा-ए-गब्र-ओ-मुसलमाँ है वो बुत नाम-ए-ख़ुदा
भेजते हैं उसे हिन्दू ओ मुसलमाँ काग़ज़
मातम फ़ज़ल मोहम्मद
ग़ज़ल
ढले है जिस पे दिल तिस का किया है ज़ाहिर इस्म
वही है वो कि जो मरजा है इन ज़मीरों का
आबरू शाह मुबारक
ग़ज़ल
मरजा’-ए-'इश्क़ फ़क़त ज़ात-ए-ख़ुदा है 'सलमान'
वादी-ए-'इश्क़ में क्यों तुम को ख़ुदा याद नहीं
सलमान काज़मी
शेर
मरजा-ए-गब्र-ओ-मुसलमाँ है वो बुत नाम-ए-ख़ुदा
भेजते हैं उसे हिन्दू ओ मुसलमाँ काग़ज़
मातम फ़ज़ल मोहम्मद
ग़ज़ल
मरजा-ए-इल्हाम बन सकता है कोशिश हो अगर
इक मक़ाम ऐसा भी पिन्हाँ आदमी के दिल में है
अमजद अली ग़ज़नवी
नज़्म
जाने क्यों दिल उदास रहता है
जो शिकस्ता दिलों के मरजा’ हैं
है सुकून-बख़्श हाज़िरी जिन की














