आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "qais"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "qais"
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "qais"
विषय
क़ैद
क़ैद शायरी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "qais"
नज़्म
सब माया है
मालूम हमें सब क़ैस मियाँ का क़िस्सा भी
सब एक से हैं, ये राँझा भी ये 'इंशा' भी
इब्न-ए-इंशा
ग़ज़ल
पस-ए-पर्दा भी लैला हाथ रख लेती है आँखों पर
ग़ुबार-ए-ना-तवान-ए-क़ैस जब महमिल से मिलता है
दाग़ देहलवी
ग़ज़ल
एक दुनिया दर्द की तस्वीर निकली इश्क़ को
कोह-कन और क़ैस का क़िस्सा समझ बैठे थे हम
फ़िराक़ गोरखपुरी
ग़ज़ल
ख़ुदा जाने ग़ुबार-ए-राह है या क़ैस है लैला
कोई आग़ोश खोले पर्दा-ए-महमिल से मिलता है
जलील मानिकपूरी
ग़ज़ल
क़ैस जंगल में अकेला है मुझे जाने दो
ख़ूब गुज़रेगी जो मिल बैठेंगे दीवाने दो














