Akhtar Ali Akhtar's Photo'

अख़्तर अली अख़्तर

1894 - 1950 | हैदराबाद, भारत

हैदराबाद के प्रसिद्ध शायर,जोश के समकालीन, दोनों के मध्य समकालिक नोक झोंक भी रही. अपनी लम्बी नज़्म ‘कौल फैसल’ के लिए प्रसिद्ध

हैदराबाद के प्रसिद्ध शायर,जोश के समकालीन, दोनों के मध्य समकालिक नोक झोंक भी रही. अपनी लम्बी नज़्म ‘कौल फैसल’ के लिए प्रसिद्ध

ग़ज़ल 8

शेर 5

फ़रेब-ए-जल्वा कहाँ तक ब-रू-ए-कार रहे

नक़ाब उठाओ कि कुछ दिन ज़रा बहार रहे

  • शेयर कीजिए

मुझी को पर्दा-ए-हस्ती में दे रहा है फ़रेब

वो हुस्न जिस को किया जल्वा-आफ़रीं मैं ने

गुफ़्तुगू-ए-सूरत-ओ-म'अनी है उनवान-ए-हयात

खेलते हैं वो मिरी फ़ितरत की हैरानी के साथ

  • शेयर कीजिए

तुम ने हर ज़र्रे में बरपा कर दिया तूफ़ान-ए-शौक़

इक तबस्सुम इस क़दर जल्वों की तुग़्यानी के साथ

  • शेयर कीजिए

चटक में ग़ुंचे की वो सौत-ए-जाँ-फ़ज़ा तो नहीं

सुनी है पहले भी आवाज़ ये कहीं मैं ने

पुस्तकें 3

अनवार

 

1941

Asrar

 

 

Qaul-e-Faisal

 

1948

 

संबंधित शायर

  • जोश मलीहाबादी जोश मलीहाबादी समकालीन
  • आनंद नारायण मुल्ला आनंद नारायण मुल्ला समकालीन

"हैदराबाद" के और शायर

  • जलील मानिकपूरी जलील मानिकपूरी
  • वली उज़लत वली उज़लत
  • अमीर मीनाई अमीर मीनाई
  • मख़दूम मुहिउद्दीन मख़दूम मुहिउद्दीन
  • ग़ौस ख़ाह मख़ाह  हैदराबादी ग़ौस ख़ाह मख़ाह हैदराबादी
  • शफ़ीक़ फातिमा शेरा शफ़ीक़ फातिमा शेरा
  • ख़ुर्शीद अहमद जामी ख़ुर्शीद अहमद जामी
  • ख़्वाजा शौक़ ख़्वाजा शौक़
  • मुसहफ़ इक़बाल तौसिफ़ी मुसहफ़ इक़बाल तौसिफ़ी
  • क़ुली क़ुतुब शाह क़ुली क़ुतुब शाह