Dagh Dehlvi's Photo'

दाग़ देहलवी

1831 - 1905 | दिल्ली, भारत

उर्दू के सबसे लोकप्रिय शायरों में शामिल। शायरी में चुस्ती , शोख़ी और मुहावरों के इस्तेमाल के लिए प्रसिद्ध

उर्दू के सबसे लोकप्रिय शायरों में शामिल। शायरी में चुस्ती , शोख़ी और मुहावरों के इस्तेमाल के लिए प्रसिद्ध

हज़ारों काम मोहब्बत में हैं मज़े के 'दाग़'

लुत्फ़ वो इश्क़ में पाए हैं कि जी जानता है

ना-रवा कहिए ना-सज़ा कहिए

इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से

बात तक करनी न आती थी तुम्हें

दिल परेशान हुआ जाता है

अभी हमारी मोहब्बत किसी को क्या मालूम

यूँ भी हज़ारों लाखों में तुम इंतिख़ाब हो

दिल दे तो इस मिज़ाज का परवरदिगार दे

दिल दे तो इस मिज़ाज का परवरदिगार दे

हज़ारों काम मोहब्बत में हैं मज़े के 'दाग़'