Ghulam Rabbani Taban's Photo'

ग़ुलाम रब्बानी ताबाँ

1914 - 1993 | दिल्ली, भारत

ग़ज़ल 38

शेर 22

निखर गए हैं पसीने में भीग कर आरिज़

गुलों ने और भी शबनम से ताज़गी पाई

your cheeks with perspiration are all aglow anew

these flowers are now fresher laden with the dew

your cheeks with perspiration are all aglow anew

these flowers are now fresher laden with the dew

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रह-ए-तलब में किसे आरज़ू-ए-मंज़िल है

शुऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है

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बस्तियों में होने को हादसे भी होते हैं

पत्थरों की ज़द पर कुछ आईने भी होते हैं

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पुस्तकें 31

1949 Ka Behtrin Adab

 

1949

दुख़्तर-ए-समरना

 

 

Gham-e-Dauran

 

1951

ग़ुबार-ए-मंज़िल

 

1990

Ghulam Rabbani Taban: Hayat Aur Shairi

 

1980

Gulam Rabbani Taban Shakhsiyat Aur Adabi Khidmat

 

1993

हदीस-ए-दिल

 

1960

हवा के दोश पर

 

1974

Hindustan Ki Maashi Tareekh

Volume-002

1979

Hindustan Ki Maashi Tareekh

Volume-002

1979

वीडियो 3

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ऑडियो 10

कमाल-ए-बे-ख़बरी को ख़बर समझते हैं

किसी के हाथ में जाम-ए-शराब आया है

गुलों के साथ अजल के पयाम भी आए

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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