Hafeez Jaunpuri's Photo'

हफ़ीज़ जौनपुरी

1865 - 1918 | जौनपुर, भारत

अपने शेर 'बैठ जाता हूँ जहाँ छाँव घनी होती है' के लिए मशहूर।

अपने शेर 'बैठ जाता हूँ जहाँ छाँव घनी होती है' के लिए मशहूर।

हफ़ीज़ जौनपुरी

ग़ज़ल 69

अशआर 41

बैठ जाता हूँ जहाँ छाँव घनी होती है

हाए क्या चीज़ ग़रीब-उल-वतनी होती है

बोसा-ए-रुख़्सार पर तकरार रहने दीजिए

लीजिए या दीजिए इंकार रहने दीजिए

  • शेयर कीजिए

हमें याद रखना हमें याद करना

अगर कोई ताज़ा सितम याद आए

  • शेयर कीजिए

तंदुरुस्ती से तो बेहतर थी मिरी बीमारी

वो कभी पूछ तो लेते थे कि हाल अच्छा है

  • शेयर कीजिए

आदमी का आदमी हर हाल में हमदर्द हो

इक तवज्जोह चाहिए इंसाँ को इंसाँ की तरफ़

  • शेयर कीजिए

पुस्तकें 5

 

ऑडियो 10

इधर होते होते उधर होते होते

कहा ये किस ने कि वादे का ए'तिबार न था

जुनूँ के जोश में फिरते हैं मारे मारे अब

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

"जौनपुर" के और शायर

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI