आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "jiim"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "jiim"
ग़ज़ल
याद आता है वो हर्फ़ों का उठाना अब तक
जीम के पेट में एक नुक्ता है और ख़ाली हे
इंशा अल्लाह ख़ान इंशा
ग़ज़ल
जिस तरह से कि काबे पे है पोशिश-ए-सियाह
इस तरह इस सनम के है रुख़ पर ग़िलाफ़-ए-ज़ुल्फ़
बहादुर शाह ज़फ़र
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "jiim"
विषय
जिस्म
जिस्म शायरी
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "jiim"
ग़ज़ल
सनम की ज़ुल्फ़ के हल्क़े में है ज्यूँ जीम का नुक़्ता
अजब है ख़ुश-नुमा उस आरिज़-ए-गुलगूँ पे ख़ाल उस का














