आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "qaamat"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "qaamat"
ग़ज़ल
भरम खुल जाए ज़ालिम तेरे क़ामत की दराज़ी का
अगर इस तुर्रा-ए-पुर-पेच-ओ-ख़म का पेच-ओ-ख़म निकले
मिर्ज़ा ग़ालिब
ग़ज़ल
सुब्ह चमन में उस को कहीं तकलीफ़-ए-हवा ले आई थी
रुख़ से गुल को मोल लिया क़ामत से सर्व ग़ुलाम किया
मीर तक़ी मीर
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "qaamat"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
daaman
दामन دامَن
कुर्ते या क़बा इत्यादि का गिरेबान से नीचे का भाग, कुर्ते, अंगरखे या क़बा इत्यादि (अर्थात वह पहनावा जो पहना जाए) का नीचे का भाग, चोली से नीचे का घेरदार भाग
haalat
हालत حالَت
परिस्थिति, जैसे-आज-कल बाजार की हालत नाजुक है, अवस्था, दशा, स्थिति, कंडीशन, कैफ़ीयत, दम, वृत्तांत, हाल, समाचार, खबर, दमख़म
अन्य परिणाम "qaamat"
नज़्म
वालिदा मरहूमा की याद में
आसमाँ मजबूर है शम्स ओ क़मर मजबूर हैं
अंजुम-ए-सीमाब-पा रफ़्तार पर मजबूर हैं
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
तुम्हारे हुस्न के नाम
निखर गई है कभी सुब्ह दोपहर कभी शाम
कहीं जो क़ामत-ए-ज़ेबा पे सज गई है क़बा
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ग़ज़ल
है सवा नेज़े पे उस के क़ामत-ए-नौ-ख़ेज़ से
आफ़्ताब-ए-सुब्ह-ए-महशर है गुल-ए-दस्तार-ए-दोस्त
मिर्ज़ा ग़ालिब
नज़्म
हसन कूज़ा-गर (4)
जवाँ कूज़ा-गर हँस रहा है
ये मासूम वहशी कि अपने ही क़ामत से ज़ोलीदा-दामन
नून मीम राशिद
नज़्म
अपनी मल्का-ए-सुख़न से
चहकी जो तू चमन में हवाएँ महक गईं
गुल-बर्ग-ए-तर से ओस की बूँदें टपक गईं
जोश मलीहाबादी
ग़ज़ल
बहादुर शाह ज़फ़र
ग़ज़ल
नासिर निज़ामी
ग़ज़ल
क़ामत-ए-जाँ को ख़ुश आया था कभी ख़िलअत-ए-इश्क़
अब इसी जामा-ए-सद-चाक से ख़ौफ़ आता है














