लाहौर के शायर और अदीब

कुल: 121

महान उर्दू शायर एवं पाकिस्तान के राष्ट्र-क़वि जिन्होंने 'सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा ' के अतिरिक्त 'लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी' जैसे गीत की रचना की

सबसे प्रख्यात एवं प्रसिद्ध शायर. अपने क्रांतिकारी विचारों के कारण कई साल कारावास में रहे।

उर्दू के अनोखी शैली के गद्यकार और शायर. ‘आब-ए-हयात’ के रचनाकार. उर्दू में आधुनिक कविता के आन्दोलन के संस्थापकों में शामिल.

लोकप्रिय शायर, ज़िंदगी और मोहब्बत से संबंधित रुमानी शायरी के लिए विख्यात।

प्रसिद्ध पाकिस्तानी शायर, कथाकार और आलोचक, ‘ज़वाल’ और ‘दीवार के पीछे’ दो महत्वपूर्ण उपन्यास लिखे, पाकिस्तानी साहित्य का एक संछिप्त इतिहास भी लिखा

20वीं सदी के चौथे और पाँचवे दशकों के सबसे लोकप्रिय शायरों में से एक, फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ के समकालीन।

लोकप्रिय और क्रांतिकारी पाकिस्तानी शायर , राजनैतिक दमन के विरोध के लिए प्रसिद्ध

लोकप्रिय पाकिस्तानी शायरी, कम उम्र में देहांत।

आधुनिक उर्दू ग़ज़ल के संस्थापकों में से एक। भारत के शहर अंबाला में पैदा हुए और पाकिस्तान चले गए जहाँ बटवारे के दुख दर्द उनकी शायरी का केंद्रीय विषय बन गए।

प्रख्यात उर्दू कहानीकार l श्रेष्ठ कथाओं जैसे 'ठंडा गोश्त', 'खोल दो ', 'टोबा टेक सिंह', 'बू' आदि के रचयिताl

मशहूर शायर और पत्रकार, अपने समय के लोकप्रिय समाचारपत्र ‘ज़मींदार’ के सम्पादक रहे. ‘ज़िक्र-ए-इक़बाल’ और ‘मुस्लिम सहाफ़त हिंदुस्तान में’ जैसी किताबें यादगार छोड़ीं

लोकप्रिय नाटककार और शायर, जिनके लेखन ने उर्दू में नाटक लेखन को एक स्थायी परम्परा के रूप में स्थापित किया

शायर, गीतकार, संस्थापक संपादक त्रैमासिक '' सवेरा ''

प्रसिद्ध शायर, रूमान और सामाजिक चेतना की नज़्में,ग़ज़लें और रुबाईयाँ कहीं

शायर एवं पत्रकार, हास्य लेखों के लिए लोकप्रिय

प्रतिष्ठित पाकिस्तानी शायर और बुद्धिजीवी

प्रगतिशील आंदोलन के अगुआ, पत्रिका " कारवां " के संपादक, इंग्लैंड से अंग्रेज़ी में डॉक्टरेट की उपाधि लेने वाले इस उपमहाद्वीप के पहले साहित्यकार

पाकिस्तानी शायर और गीतकार

पाकिस्तान के प्रमुखतम आलोचकों में शामिल

शायर, संपादक, आज़ादी के संघर्ष में हिस्सा लेने वाले एक सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता

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