Akhtar lakhnvi's Photo'

अख्तर लख़नवी

1934 - 1995 | कराची, पाकिस्तान

शायर और पत्रकार, लम्बे समय तक रेडियो पाकिस्तान से सम्बद्ध रहे, फ़िल्मों के लिए गीत और संवाद भी लिखे

शायर और पत्रकार, लम्बे समय तक रेडियो पाकिस्तान से सम्बद्ध रहे, फ़िल्मों के लिए गीत और संवाद भी लिखे

ग़ज़ल 9

शेर 11

जज़्बे की कड़ी धूप हो तो क्या नहीं मुमकिन

ये किस ने कहा संग पिघलता ही नहीं है

सूने कितने बाम हुए कितने आँगन बे-नूर हुए

चाँद से चेहरे याद आते हैं चाँद निकलते वक़्त बहुत

हमें ख़ुदा पे भरोसा है ना-ख़ुदा पे नहीं

ख़ुदा जो देता है वो ना-ख़ुदा नहीं देता

हसद का रंग पसंदीदा रंग है सब का

यहाँ किसी को कोई अब दुआ नहीं देता

कितने महबूब घरों से गए किस को मालूम

वापस आए हैं जो अपनों में ख़बर की सूरत

  • शेयर कीजिए

पुस्तकें 3

Aayat-e-Dard

 

1994

Huzoor

 

1988

Naghma-e-Hayat

 

1986

 

"कराची" के और शायर

  • ज़ीशान साहिल ज़ीशान साहिल
  • सलीम अहमद सलीम अहमद
  • अनवर शऊर अनवर शऊर
  • मोहसिन एहसान मोहसिन एहसान
  • शबनम शकील शबनम शकील
  • दिलावर फ़िगार दिलावर फ़िगार
  • अज़रा अब्बास अज़रा अब्बास
  • सलीम कौसर सलीम कौसर
  • सीमाब अकबराबादी सीमाब अकबराबादी
  • जमाल एहसानी जमाल एहसानी