Fuzail Jafri's Photo'

फ़ुज़ैल जाफ़री

1936 | मुंबई, भारत

प्रतिष्ठित आधुनिक आलोचक

प्रतिष्ठित आधुनिक आलोचक

ग़ज़ल 34

शेर 23

ज़हर मीठा हो तो पीने में मज़ा आता है

बात सच कहिए मगर यूँ कि हक़ीक़त लगे

चमकते चाँद से चेहरों के मंज़र से निकल आए

ख़ुदा हाफ़िज़ कहा बोसा लिया घर से निकल आए

भूले-बिसरे हुए ग़म फिर उभर आते हैं कई

आईना देखें तो चेहरे नज़र आते हैं कई

ई-पुस्तक 5

अफ़्सोस हासिल का

 

2009

Chattan Aur Pani

 

1974

Kaman Aur Zakhm

 

1986

Rang-e-Shikasta

 

1980

Sahra Mein Lafz

 

1994

 

"मुंबई" के और शायर

  • अहमद शनास अहमद शनास
  • ख़ुर्शीद तलब ख़ुर्शीद तलब
  • शोएब निज़ाम शोएब निज़ाम
  • अबुल हसनात हक़्क़ी अबुल हसनात हक़्क़ी
  • अख़्तर पयामी अख़्तर पयामी
  • अरशद अब्दुल हमीद अरशद अब्दुल हमीद
  • असलम महमूद असलम महमूद
  • वाली आसी वाली आसी
  • रसा रामपुरी रसा रामपुरी
  • फ़रहान सालिम फ़रहान सालिम