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शकील बदायुनी

1916 - 1970 | मुंबई, भारत

प्रसिद्ध फ़िल्म गीतकार और शायर

प्रसिद्ध फ़िल्म गीतकार और शायर

ग़ज़ल 129

नज़्म 8

शेर 86

अल्लाह रे बे-ख़ुदी कि हम उन के ही रू-ब-रू

बे-इख़्तियार उन्ही को पुकारे चले गए

सुना है ज़िंदगी वीरानियों ने लूट ली मिल कर

जाने ज़िंदगी के नाज़-बरदारों पे क्या गुज़री

उजाले गर्मी-ए-रफ़्तार का ही साथ देते हैं

बसेरा था जहाँ अपना वहीं तक आफ़्ताब आया

ई-पुस्तक 16

धरती को आकाश पुकारे

 

1961

Kalam-e-Shakeel Badayuni

 

2002

Kulliyat-e-Shakeel

 

 

Kulliyat-e-Shakeel

 

 

Kulliyat-e-Shakeel Badayuni

 

2006

Naghma-e-Firdaus

 

1948

Naghma-e-Firdaus

 

1968

Raanaiyan

 

 

रंगीनियाँ

 

 

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चित्र शायरी 15

वीडियो 51

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Shanti Hiranandji singing 'door hai manzil'

शांति हीरानंद

Teri Mehfil Mein - Qawwali - Madhubala - Mughal-E-Azam - Lata - Shamshad Begum

आँख से आँख मिलाता है कोई

लता मंगेशकर

इक शहंशाह ने बनवा के....

इक शहंशाह ने बनवा के हसीं ताज-महल अज्ञात

इक शहंशाह ने बनवा के....

इक शहंशाह ने बनवा के हसीं ताज-महल अज्ञात

इक शहंशाह ने बनवा के....

इक शहंशाह ने बनवा के हसीं ताज-महल अज्ञात

इक शहंशाह ने बनवा के....

इक शहंशाह ने बनवा के हसीं ताज-महल अज्ञात

इक शहंशाह ने बनवा के....

इक शहंशाह ने बनवा के हसीं ताज-महल अज्ञात

इक शहंशाह ने बनवा के....

इक शहंशाह ने बनवा के हसीं ताज-महल अज्ञात

इक शहंशाह ने बनवा के....

इक शहंशाह ने बनवा के हसीं ताज-महल अज्ञात

इक शहंशाह ने बनवा के....

इक शहंशाह ने बनवा के हसीं ताज-महल अज्ञात

इस दर्जा बद-गुमाँ हैं ख़ुलूस-ए-बशर से हम

बेगम अख़्तर

ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया

बेगम अख़्तर

ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया

बरकत अली ख़ाँ

ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया

शांति हीरानंद

ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया

कैसे कह दूँ की मुलाक़ात नहीं होती है

पंकज उदास

कोई आरज़ू नहीं है कोई मुद्दआ' नहीं है

तलअत महमूद

ख़ुश हूँ कि मिरा हुस्न-ए-तलब काम तो आया

बेगम अख़्तर

ज़िंदगी उन की चाह में गुज़री

उस्ताद मोहन ख़ान

ज़िंदगी का दर्द ले कर इंक़लाब आया तो क्या

बेगम अख़्तर

तक़दीर की गर्दिश क्या कम थी इस पर ये क़यामत कर बैठे

लता मंगेशकर

तिरी अंजुमन में ज़ालिम अजब एहतिमाम देखा

मुन्नी बेगम

नज़र-नवाज़ नज़ारों में जी नहीं लगता

शांति हीरानंद

बहार आई किसी का सामना करने का वक़्त आया

मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे

बेगम अख़्तर

मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे

शांति हीरानंद

मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे

रीता गांगुली

मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे

मुन्नी बेगम

रौशनी साया-ए-ज़ुल्मात से आगे न बढ़ी

तलअत महमूद

शायद आग़ाज़ हुआ फिर किसी अफ़्साने का

कुसुम शर्मा

हंगामा-ए-ग़म से तंग आ कर इज़हार-ए-मसर्रत कर बैठे

तलअत महमूद

ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया

राधिका चोपड़ा

मिरी ज़िंदगी है ज़ालिम तिरे ग़म से आश्कारा

पीनाज़ मसानी

ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया

टीना सानी

मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे

अनीता सिंघवी

मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे

शोभा गुर्टू

ऑडियो 52

अब तक शिकायतें हैं दिल-ए-बद-नसीब से

अभी जज़्बा-ए-शौक़ कामिल नहीं है

आज फिर गर्दिश-ए-तक़दीर पे रोना आया

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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